कुल्लू के बंदरोल में भारी लैंडस्लाइड, होटल का हिस्सा ढहा, JNV भवन पर भी खतरा
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के बंदरोल क्षेत्र में शुक्रवार सुबह हुए भारी लैंडस्लाइड से “व्यू इन बाय रिवरसाइड” होटल का एक हिस्सा ताश के पत्तों की तरह ढह गया। हादसे के बाद होटल का कुछ भाग हवा में लटका हुआ है, जबकि एहतियात के तौर पर सुरक्षित हिस्से को खाली करवा दिया गया है। इस भूस्खलन के चलते पास स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) भवन पर भी खतरा मंडराने लगा है। होटल के निचले हिस्से में ब्यास नदी के साथ मिट्टी का लगातार खिसकना जारी है, जिससे स्कूल के छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बंदरोल में इसी स्थान पर वर्ष 2023 में भी लैंडस्लाइड हुआ था, जिसके बाद से भूमि कटाव लगातार जारी है। पहले खतरा केवल होटल तक सीमित माना जा रहा था, लेकिन अब सरकारी भवन भी इसकी जद में आने लगे हैं। समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों ने इस घटना के लिए ब्यास नदी किनारे हो रहे कथित अवैध खनन को जिम्मेदार ठहराया है। स्थानीय निवासी इशांत महंत, मदन कटोच और सतपाल ठाकुर का आरोप है कि खनन माफिया द्वारा नदी तल में छेड़छाड़ किए जाने से पहाड़ की नींव कमजोर हो गई, जिसके चलते यह भूस्खलन हुआ।
ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि इस संबंध में कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। अब हालात यह हैं कि क्षेत्र के रिहायशी मकानों में भी दरारें पड़ने लगी हैं, जिससे लोगों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध खनन पर तुरंत पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए और प्रभावित क्षेत्र में युद्ध स्तर पर सुरक्षा दीवारों का निर्माण किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
