कुनिहार में जन समस्याओं को लेकर बैठक आयोजित
विकास खंड कुनिहार के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कोठी के गांव जुबला में ग्रामीणों द्वारा एक सामूहिक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें मौजूद ग्रामीणों ने गांव की समस्याओं के बारे में चर्चा की।
ग्रामीणों में नविन कुमार, राजेश, चेतराम, ल‘छीराम, हरिराम, रितादेवी, धनिदेवी, मीना देवी, पार्वती, निर्मला देवी, हेमचंद, पवन कुमार, चेतराम, राजेश कुमार, गोविन्द राम आदि ने कहा कि ग्राम पंचायत कोठी के अंतर्गत आने वाले गांव जुबला में अभी भी कई जगह पक्के रास्ते नहीं बन पाए हैं जिसके कारण ग्रामीणों को अपने मवेशियों को लाने-ले जाने के साथ-साथ पशुचारा लाने में भी काफी परेशानियां झेलनी पडती है। सबसे ’ज्यादा परेशानी बरसात के दौरान झेलनी पड़ती है। रास्ता कच्चा होने की वजह से कीचड़ व फिसलन हो जाती है।
वहीं दूसरी और जुबला गांव में मत्स्य विभाग द्वारा करीब 25, 30 वर्ष पूर्व मछली पालन के लिए एक तालाब बनाकर करीब दो तीन वर्ष ही उपयोग में लाया। उसके बाद वर्षों तक इसकी कोई सुध नही ली। तालाब कच्चा होने की वजह से तालाब के पानी की सीलन साथ लगते मकानों तक आ रही है। सबसे बड़ी परेशानी साथ लगती 15, 16 बीघा उपजाऊ भूमि में तालाब के पानी के रिसाव से है जिसकी वजह से उस भूमि में खेती नहीं हो पा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या बारे में मत्स्य विभाग को भी पत्राचार के माध्यम से अवगत करवाया गया था लेकिन कोई कार्रवाई देखने को नहीं मिली। उन्होंने कहा कि विभाग शीघ्र उक्त तालाब को छोटा व पक्का करवाए यदि इस तालाब का उपयोग नहीं करना हो तो तालाब को बंद करवाकर यंहा छोटा पार्क, खेल मैदान बना दिया जाए ताकि उसका उपयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि उक्त सभी परेशानियों को लेकर बहुत शीघ्र जिलाधीश सोलन मत्स्य विभाग उप उपमंडलाधिकारी अर्की खंड विकास अधिकारी एवं सम्बन्धित पंचायत से पत्राचार किया जायेगा।
वार्ड मेम्बर कमलेश देवी ने कहा कि जुबला के ग्रामीणों ने गांव की समस्या बारे चर्चा की जिसमे गांव में वर्षों पहले मत्स्य विभाग द्वारा गांव में तालाब बनाया गया था जिसके पानी कि सीलन घरों तक पंहुच रही है। 15-16 बीघा उपजाऊ भूमि में भी पानी का रिसाव हो रहा है जिसमे खेती नहीं हो पा रही है जिसको लेकर ग्रामीणों द्वारा एक मांगपत्र तैयार किया गया है। बहुत शीघ्र खंड विकास अधिकारी कुनिहार के समक्ष समस्या को रखा जाएगा ताकि ग्रामीणों कि समस्या का कोई स्थाई समाधान हो सके।
