सेब बागवानों का फूटा गुस्सा, CA कंपनियों पर मनमानी का आरोप; बोले- पेमेंट में देरी नहीं, हाथों-हाथ चाहिए पैसा
हिमाचल प्रदेश में सेब सीजन के बीच बागवानों ने CA (कंट्रोल्ड एटमॉस्फियर) स्टोरेज) कंपनियों की कार्यप्रणाली और भुगतान व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई है। बागवानों का कहना है कि सेब की फसल तैयार करने में वे पूरे साल मेहनत और पैसा लगाते हैं, लेकिन फसल बेचने के बाद भुगतान को लेकर उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
बागवानों ने मांग उठाई है कि CA कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाई जाए और सेब की बिक्री के बाद भुगतान हाथों-हाथ किया जाए। उनका कहना है कि फसल का पैसा समय पर मिलने से वे अगले सीजन की तैयारी और अन्य जरूरी खर्च आसानी से कर सकेंगे।
बागवानों का आरोप है कि कुछ मामलों में भुगतान प्रक्रिया स्पष्ट नहीं होती और उन्हें अपनी ही फसल की रकम के लिए इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से इस व्यवस्था की निगरानी करने की मांग की है।
बागवानों ने साफ कहा कि सेब कारोबार में पारदर्शिता जरूरी है। कंपनियों की शर्तों, सेब की कीमत और भुगतान की प्रक्रिया को स्पष्ट किया जाना चाहिए, ताकि बागवानों के हितों से किसी तरह का समझौता न हो।
बागवानों की मांग है कि सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करे और CA कंपनियों के साथ ऐसा नियम तय किया जाए, जिससे सेब की बिक्री और भुगतान की प्रक्रिया आसान, पारदर्शी और समयबद्ध हो।
