चंडीगढ़: सभी मेडिकल अधिकारियों की छुटि्टयां रद्द, 24 घंटे सातों दिन इमरजेंसी ड्यूटी के लिए तैयार रहने के आदेश
आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने अपनी तैयारियों को और भी सख्त कर दिया है। राज्य स्वास्थ्य सोसाइटी और नेशनल हेल्थ मिशन चंडीगढ़ ने आज आदेश जारी कर सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में तैनात मेडिकल ऑफिसर्स और स्टाफ की छुट्टियां अगले आदेश तक रद्द कर दी हैं। कर्मचारियों को 24 घंटे, सातों दिन ड्यूटी के लिए तैयार रहने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, यदि कोई कर्मचारी फोन बंद पाए गए या जवाब नहीं दिया, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। पीजीआई के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट प्रो. विपिन कौशल ने बताया कि आपदा प्रबंधन के लिए अस्पताल में नेहरू ग्राउंड फ्लोर पर एक विशेष आपदा वार्ड तैयार किया गया है। इस वार्ड के लिए एक अलग एंट्री गेट भी बनाया गया है, हालांकि फिलहाल इसे सामान्य मरीजों के इलाज के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है। डायरेक्टर हेल्थ सर्विस डॉ. सुमन सिंह ने बताया कि कोविड काल की तरह आपदा प्रबंधन के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति जल्द की जाएगी, लेकिन फिलहाल की व्यवस्थाएं पहले से कहीं अधिक बेहतर हैं।
आपातकालीन तैयारियों के तहत उठाए गए कदम
आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। नर्सिंग अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्टाफ को आपातकालीन स्थिति में मरीजों और उनके परिजनों को संभालने का प्रशिक्षण दें। इसके अलावा, जिन वार्डों में गोपनीयता की कमी थी, वहां अब ब्लैक चार्ट पेपर लगाकर गोपनीयता सुनिश्चित की जा रही है। मॉक ड्रिल के दौरान मरीजों और परिजनों को मोबाइल के उपयोग से भी रोका गया है, ताकि जानकारी लीक होने से बचा जा सके। सुरक्षा व्यवस्था को और भी मजबूत किया गया है। डॉ. अमनदीप सिंह की देखरेख में अस्पताल में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जा रही है, ताकि आपातकालीन स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके। इसके अलावा, पीए सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि सभी संदेश तुरंत और स्पष्ट रूप से कर्मचारियों तक पहुंच सकें।