बिजली बिल भरने की झंझट होगी खत्म! एक क्लिक पर होगा भुगतान, सभी पेमेंट विकल्प एक मंच पर लाएगा बोर्ड
हिमाचल प्रदेश के करीब 30 लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए बिल भुगतान की प्रक्रिया जल्द और आसान होने वाली है। बिजली बोर्ड अब UPI, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग, BBPS, RTGS/NEFT, QR कोड, POS मशीन और WhatsApp पेमेंट जैसे अलग-अलग विकल्पों को एक ही डिजिटल मंच पर लाने की तैयारी कर रहा हैI
नई व्यवस्था के लिए बोर्ड ने RBI से अधिकृत पेमेंट एग्रीगेटर नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके बाद उपभोक्ताओं को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाकर भुगतान करने की जरूरत नहीं होगी। किसी भी माध्यम से किया गया भुगतान एकीकृत डिजिटल सिस्टम में दर्ज होगा और उसका रिकॉर्ड तुरंत उपलब्ध रहेगा।
बोर्ड इसके लिए एक यूनिफाइड वेब-बेस्ड डैशबोर्ड भी तैयार करेगा। इसमें अलग-अलग माध्यमों से आए भुगतानों की निगरानी, मिलान और वित्तीय विश्लेषण एक ही जगह से किया जा सकेगा। इससे भुगतान सफल हुआ या नहीं, पैसा खाते में पहुंचा या किसी तकनीकी दिक्कत के कारण अटका—इसकी जानकारी भी आसानी से मिल सकेगी।
बोर्ड ने इस परियोजना के लिए योग्य पेमेंट एग्रीगेटरों, बैंकों और वित्तीय संस्थानों से प्रस्ताव मांगे हैं। निविदाएं 6 अक्तूबर 2026 शाम 5 बजे तक जमा की जा सकती हैं।
तीन महीने में 30 लाख से ज्यादा डिजिटल भुगतान
मई से जुलाई 2026 के बीच बिजली बोर्ड को विभिन्न डिजिटल माध्यमों से 30 लाख से अधिक भुगतान मिले, जिनसे करीब 2027 करोड़ रुपये की राशि जमा हुई। इनमें BBPS के जरिए करीब 24.96 लाख लेनदेन हुए और 298.34 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। पेमेंट गेटवे से 4.28 लाख से अधिक लेनदेन हुए, जबकि RTGS/NEFT के जरिए करीब 46,950 लेनदेन में 1004.41 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा हुई।
नई व्यवस्था में RTGS और NEFT के भुगतान का उसी दिन सेटलमेंट करने का प्रावधान होगा। वहीं UPI, कार्ड, BBPS और अन्य डिजिटल माध्यमों से प्राप्त राशि अधिकतम अगले कार्य दिवस तक बोर्ड के खाते में पहुंचाने की व्यवस्था होगी।
फिलहाल भी HPSEBL के उपभोक्ता पोर्टल और मोबाइल ऐप के जरिए बिजली बिल देखने और ऑनलाइन भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।
