प्रताप सकलानी बोले: धर्मपुर में क्लस्टर, फिर भी बाजार को भटक रहे बागवान
समौड पंचायत के प्रधान एवं एडवोकेट प्रताप सकलानी ने उठाई मांग, मौसमी और अमरूद की फसल के लिए उचित बाजार व लाभकारी दाम सुनिश्चित करे सरकार
धर्मपुर (मंडी)। धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में 50 से अधिक बागवानी क्लस्टर स्थापित होने के बावजूद किसानों और बागवानों के सामने अपनी उपज बेचने की चुनौती बनी हुई है। स्मार्ट पंचायत के प्रधान एवं एडवोकेट प्रताप सकलानी ने सरकार से मांग की है कि क्षेत्र में मौसमी और अमरूद के बगीचे लगाने वाले बागवानों के उत्पादों की बिक्री के लिए उचित बाजार और लाभकारी मूल्य सुनिश्चित किए जाएं।
प्रताप सकलानी ने कहा कि धर्मपुर क्षेत्र में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए वर्तमान और पूर्व सरकारों के कार्यकाल में 50 से अधिक बागवानी क्लस्टर स्थापित किए गए हैं। क्षेत्र के किसानों और बागवानों ने भी उम्मीदों के साथ मौसमी और अमरूद सहित विभिन्न फलों के बगीचे तैयार किए हैं। लेकिन फसल तैयार होने के बाद उसे कहां और किस कीमत पर बेचा जाए, इसको लेकर बागवानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि बागवान पूरे वर्ष अपने बगीचों की देखभाल करते हैं। सिंचाई, खाद, दवाइयों और अन्य कार्यों पर खर्च करने के साथ वे दिन-रात मेहनत करते हैं। इसके बावजूद यदि तैयार फसल बेचने के लिए उचित बाजार और खरीदार उपलब्ध नहीं होते, तो उन्हें अपनी मेहनत का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता। इससे बागवानी को आय का मजबूत साधन बनाने की उम्मीदों को भी झटका लगता है।
क्लस्टर खोलना ही काफी नहीं, बिक्री की व्यवस्था भी जरूरी
प्रताप सकलानी ने कहा कि केवल बागवानी क्लस्टर स्थापित करना और किसानों को पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित करना पर्याप्त नहीं है। सरकार को उत्पादन के साथ-साथ उत्पादों की खरीद और बिक्री की व्यवस्था पर भी ध्यान देना चाहिए। इसके लिए व्यापारियों और कंपनियों से सीधा संपर्क, स्थानीय संग्रह केंद्र, परिवहन तथा भंडारण की सुविधाएं विकसित करना जरूरी है।
उन्होंने मांग की कि धर्मपुर क्षेत्र में मौसमी और अमरूद जैसे फलों की खरीद के लिए प्रभावी विपणन व्यवस्था बनाई जाए, ताकि बागवानों को अपनी उपज बेचने के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े। साथ ही बाजार की मांग और फलों की गुणवत्ता के अनुरूप पारदर्शी मूल्य व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
एडवोकेट प्रताप सकलानी ने सरकार से आग्रह किया कि धर्मपुर के बागवानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए ऐसी ठोस नीति बनाई जाए, जिसमें उत्पादन से लेकर बिक्री तक की पूरी व्यवस्था शामिल हो। किसान उत्पादक संगठनों (FPO), सहकारी समितियों और फल खरीदने वाले व्यापारियों के साथ समन्वय स्थापित कर बागवानों को सीधे बाजार से जोड़ने के प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि बागवानी तभी किसानों के लिए लाभकारी साबित होगी, जब उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य और उसे बेचने का भरोसेमंद माध्यम मिलेगा। सरकार को बागवानी क्लस्टरों के उद्देश्य को सफल बनाने के लिए विपणन व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि धर्मपुर के किसान और बागवान आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें तथा क्षेत्र में बागवानी को बढ़ावा मिल सके।
