हिमाचल में नए जिलों की तैयारी, धर्मचंद चौधरी की अध्यक्षता में आयोग गठित
शिमला: हिमाचल प्रदेश में नए जिलों के गठन और प्रशासनिक ढांचे में बदलाव को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन के लिए चार सदस्यीय आयोग का गठन किया है। हिमाचल हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति धर्म चंद चौधरी आयोग के अध्यक्ष होंगे।
आयोग में अधिवक्ता विशाल पंवार और सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी राजेश शर्मा को सदस्य बनाया गया है, जबकि निदेशक भू-अभिलेख विभाग आयोग के सदस्य सचिव होंगे। आयोग का मुख्यालय शिमला में रहेगा।
जिलों से लेकर विकास खंडों तक की होगी समीक्षा
आयोग प्रदेश के मौजूदा जिलों, उपमंडलों, तहसीलों, उपतहसीलों और विकास खंडों की व्यवस्था की समीक्षा करेगा। जरूरत के अनुसार नई प्रशासनिक इकाइयों के गठन, मौजूदा इकाइयों के विलय, विभाजन या पुनर्गठन को लेकर सरकार को सिफारिशें दी जाएंगी।
इस दौरान जनसंख्या, भौगोलिक परिस्थितियां, आवागमन की सुविधा, प्रशासनिक दक्षता और आम लोगों की सुविधा को प्रमुख आधार बनाया जाएगा। आयोग जनप्रतिनिधियों, संबंधित विभागों और अन्य हितधारकों से भी सुझाव लेगा।
छह महीने में देनी होगी रिपोर्ट
सरकार ने आयोग को छह महीने के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट और सिफारिशें सौंपने का समय दिया है। आयोग नई प्रशासनिक इकाइयां बनाने के लिए जरूरी भवन, कर्मचारियों और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर होने वाले खर्च का भी आकलन करेगा।
हिमाचल में फिलहाल 12 जिले हैं। लंबे समय से नूरपुर, देहरा, पालमपुर, सुंदरनगर, रामपुर और बद्दी जैसे क्षेत्रों को जिला बनाने की मांग और चर्चा होती रही है। हालांकि, अभी किसी नए जिले के गठन का अंतिम फैसला नहीं हुआ है। अंतिम तस्वीर आयोग की रिपोर्ट और उसके बाद सरकार के निर्णय से साफ होगी।
