मिलेट्स फूड का सच: चिप्स-नूडल्स में फाइबर-मिनरल गायब
मिलेट्स के नाम पर ‘अनहेल्दी’ फूड! IGMC शोध में चौंकाने वाला खुलासा
शिमला के आईजीएमसी के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के शोध में मिलेट्स से तैयार किए जा रहे रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थों को लेकर अहम खुलासा हुआ है। शोध के अनुसार बाजार में मिलेट्स के नाम पर बिक रहे कुरकुरे, चिप्स, बिस्कुट, नूडल्स और सूप को कई प्रक्रियाओं से गुजारा जाता है, जिससे इनमें मौजूद जरूरी पोषक तत्व कम हो सकते हैं।
शोध के मुताबिक मिलेट्स को अल्ट्रा-प्रोसेस करने के दौरान पॉलिशिंग, अधिक तापमान और मशीनरी प्रक्रिया के साथ कई उत्पादों में पाम ऑयल और आर्टिफिशियल फ्लेवर का इस्तेमाल किया जाता है। इससे प्राकृतिक फाइबर, मिनरल्स, विटामिन और अन्य माइक्रो-न्यूट्रिएंट्स की मात्रा घट सकती है।
शोध में यह भी बताया गया है कि मोटे अनाज से आटा तैयार करते समय अगर उसकी बाहरी परत, चोकर और अंकुर हटा दिए जाएं तो प्राकृतिक फाइबर और सूक्ष्म पोषक तत्वों का नुकसान होता है। ऐसे में सिर्फ ‘मिलेट्स’ नाम देखकर पैकेटबंद या अत्यधिक प्रोसेस्ड उत्पादों को हेल्दी मानना सही नहीं है।
विशेषज्ञों के अनुसार बाजरा, रागी, ज्वार, कंगनी और अन्य मोटे अनाज को प्राकृतिक रूप में या कम से कम प्रोसेसिंग के साथ खाना ज्यादा बेहतर विकल्प है। आईजीएमसी के डॉ. अमित सचदेवा ने भी बाजार में मिलेट्स के नाम पर बिक रहे महंगे और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड उत्पादों से सावधानी बरतने की सलाह दी है।
