60 साल सेवा की मांग पर हाईकोर्ट पहुंचा कर्मचारी, रिटायरमेंट के बाद उसी पद पर दोबारा नियुक्ति के आदेश
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 58 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत्त किए गए कर्मचारी को अंतरिम राहत देते हुए उसी पद और उसी स्थान पर दोबारा नियुक्त करने के आदेश दिए हैं। मामला ठाकुरदास बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य एवं अन्य से जुड़ा है।
याचिकाकर्ता को 30 अप्रैल 2026 को 58 वर्ष की आयु पूरी होने पर रिटायर कर दिया गया था। कर्मचारी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया कि उसे 60 वर्ष की आयु तक सेवा में बने रहने का अधिकार है और दोबारा उसी पद पर काम करने की अनुमति मांगी।
मामले में हाईकोर्ट ने कहा कि प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने का अवसर दिया गया था, लेकिन रिट याचिका और स्थगन आवेदन पर जवाब दाखिल नहीं किया गया। इसके बाद अदालत ने अंतरिम व्यवस्था के तहत कर्मचारी को वहीं और उसी पद पर पुन: सेवा में लेने का आदेश दिया, जहां वह सेवानिवृत्ति के समय तैनात था।
हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि यह आदेश अंतिम फैसला नहीं है और आगे आने वाले आदेशों के अधीन रहेगा। यदि कर्मचारी को कोई सेवानिवृत्ति लाभ मिल चुका है, तो उसे विभाग को वापस करना होगा। इसके लिए कर्मचारी को राशि दो सप्ताह के भीतर जमा करनी होगी, जिसके बाद उसे अदालत के आदेश के अनुसार तत्काल सेवा में लिया जाएगा।
मामले की अगली सुनवाई 27 अक्तूबर 2026 को होगी। आदेश न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल और न्यायमूर्ति योगेश जसवाल की खंडपीठ ने पारित किया।
