शिमला पुलिस का नशा तस्करों पर बड़ा प्रहार, तीन मामलों में 40.5 लाख की संपत्ति सीज
शिमला। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ शिमला पुलिस ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए अब तस्करों की आर्थिक गतिविधियों और अवैध कमाई पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस ने तीन एनडीपीएस मामलों में करीब 40.5 लाख रुपये से अधिक की चल-अचल और वित्तीय संपत्तियां सीज की हैं। इनमें वाहन, बैंक खातों की रकम औरन्य वित्तीय संपत्तियां शामिल हैं।
बालूगंज मामले में 23 लाख की संपत्ति सीज
बालूगंज थाने में दर्ज मामले में 23 फरवरी 2026 को आईएसबीटी शिमला के पास करीब सात ग्राम चिट्टा बरामद होने के बाद अविनाश चौहान को गिरफ्तार किया गया था। जांच आगे बढ़ने पर विशाल यादव, जय प्रकाश यादव और रवि अहिरवार भी गिरफ्तार किए गए। वित्तीय जांच में पुलिस के अनुसार करीब 22 लाख रुपये की स्कॉर्पियो-एन और बैंक खाते में मौजूद रकम समेत लगभग 23 लाख रुपये की संपत्ति सामने आई, जिसे एनडीपीएस एक्ट के तहत सीज किया गया। पुलिस के मुताबिक विशाल यादव के खाते में जनवरी 2025 से 26 अगस्त 2026 के बीच करीब एक करोड़ रुपये का लेन-देन भी मिला, जिसका स्पष्ट वैध आय स्रोत सामने नहीं आया।
रामपुर के दो मामलों में 17.5 लाख की कार्रवाई
रामपुर थाने के एक मामले में मई 2025 में किराये के कमरे से करीब 31 ग्राम चिट्टा और 50,400 रुपये नकद बरामद किए गए थे। मामले में पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद वित्तीय जांच की गई। पुलिस ने करीब 9.5 लाख रुपये मूल्य की संपत्तियां, जिसमें कार, मोटरसाइकिल और स्कूटी शामिल हैं, सीज की हैं।
वहीं रामपुर के दूसरे मामले में 25 जून 2025 को नोगली बाजार के पास मनसा राम उर्फ मनीष को करीब 2.5 किलोग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान उसके बैंक और डाकघर खातों समेत अन्य वित्तीय लेन-देन की पड़ताल की गई। पुलिस के अनुसार करीब 8 लाख रुपये की रकम प्रथम दृष्टया नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी मिली, जिसे सीज किया गया।
2026 में अब तक 12.5 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति सीज
शिमला पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक एनडीपीएस मामलों की वित्तीय जांच के आधार पर 12.5 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की चल-अचल और वित्तीय संपत्तियां सीज की जा चुकी हैं। पुलिस अब नशा तस्करों तक पहुंचने के साथ-साथ उनके आर्थिक नेटवर्क और नशे से अर्जित कथित अवैध संपत्ति की भी जांच कर रही है।
