सैन्य सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए SI लक्ष्मण सिंह, बेटे ने दी मुखाग्नि
नालागढ़। सोलन जिले के नालागढ़ उपमंडल के लूणा गांव निवासी CISF सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह का गुरुवार को पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जम्मू-कश्मीर के कठुआ में ड्यूटी के दौरान गोलीबारी की घटना में उनकी मौत हुई थी। उनका पार्थिव शरीर सुबह करीब छह बजे उनके पैतृक गांव पहुंचा।
सुबह करीब 9:30 बजे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई। सबसे भावुक पल उस समय आया, जब लक्ष्मण सिंह के 10 वर्षीय बेटे श्रेय ठाकुर ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान परिवार, ग्रामीणों और पूर्व सैनिकों की आंखें नम हो गईं।
अंतिम विदाई के दौरान CISF और हिमाचल पुलिस की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर लक्ष्मण सिंह को अंतिम सलामी दी। बड़ी संख्या में ग्रामीण, पूर्व सैनिक, स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
लक्ष्मण सिंह कठुआ के बसोहली क्षेत्र के माशका गांव में एक हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की सुरक्षा में तैनात थे। 29 सितंबर को हुई गोलीबारी की घटना में लक्ष्मण सिंह समेत चार जवानों की मौत हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, क्यूआरटी की बी शिफ्ट में तैनात हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार सिंह ने अपनी सर्विस राइफल से फायरिंग की थी।
इस घटना में लक्ष्मण सिंह के अलावा असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे, कांस्टेबल रफीक अहमद और कांस्टेबल संदीप कुमार की भी मौत हुई थी। घायलों को चंबा के खैरी स्थित एनएचपीसी अस्पताल ले जाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
लक्ष्मण सिंह अपने पीछे माता-पिता, पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए हैं। उनके अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। पूरे गांव में शोक का माहौल रहा।
