अर्की :राजेन्द्र ठाकुर ने 5800 फुट की ऊंचाई पर सेब उत्पादन कर पेश की मिसाल
प्रकृति ने मनुष्य जीवन के हित के लिए बहुत सी प्राकृतिक संपदाएं संजोई हुई है जिन से मनुष्य अपने जीवन में सुख भोग सके और अपने जीवन में आने वाली समस्याओं का समाधान कर सके। फलदार पौधे,सब्जियां,जड़ी-बूटियां,खनिज इत्यादि बहुत सी ऐसी प्राकृतिक संपदाएं हैं,जो मनुष्य के सामने सुलभ है लेकिन आवश्यकता है तो केवल कर्म करने की, कर्म करने पर मनुष्य अनहोनी को भी होनी में परिवर्तित कर सकता है,ऐसा ही कर्म करने वाले अर्की उपमण्डल के घनागुघाट पंचायत के ध्यानपुर गांव के बागवान राजेन्द्र ठाकुर ने 5800 फुट की ऊंचाई पर सेब उत्पादन कर एक मिसाल पेश की है।उन्होंने सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती से सेब का उत्पादन कर लोगों की सेहत का ख्याल रखा है।उन्होनें अपने बगीचे में तैयार सेब की पहली खेप 22 जून 2021 को उतर प्रदेश के एक निजी कम्पनी को भेजी है। इस कम्पनी ने 280 रुपये प्रति किलो के हिसाब से सेब की खरीद की है। वहीं अगली खेप भेजने की तैयारी है। राजेंद्र ठाकुर ने जहाँ पिछले वर्ष अन्ना, द्वारफसेट गोल्डन, हरीमन, रेडलम गाला, जेरोमाइन व स्कारलेट 2 सेब की किस्मों के पौधों से पैदावार लेकर सबको आश्चर्यचकित किया था। वहीं इस वर्ष के सीजन में अर्की से सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती से तैयार सेब की पहली खेप बाज़ार में भेजकर एक सभी को हैरान किया है। राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि उन्होंने एसपीएनएफ से तैयार किया सेब बाज़ार में भेज दिया है। यह सेब उतर प्रदेश की एक निजी कम्पनी को सीधे उनके बगीचे से बेचा गया है,जिसका दाम 280 रुपये प्रति किलो के हिसाब से गया है।उन्होनें कहा कि उनका इस वर्ष 3 टन सेब होने की उम्मीद है। राजेंद्र ठाकुर ने लॉकडाउन में अपनी नौकरी गवां चुके अर्की के युवाओं से कृषि व सेब बागवानी करने का आग्रह करते हुए कहा कि उनका वातावरण व जलवायु कृषि व सेब के लिए उपयुक्त है।बस जरूरत है मेहनत व लग्न की। उन्होंने कहा कि वे ऐसा कर आत्मनिर्भर बन सकते है। बता दे कि राजेंद्र ठाकुर ने अभी तक अपने बगीचे में करीब साढ़े आठ सौ सेब के पौधें विभिन्न प्रजातियों के लगाएं है जो अच्छी पैदावार दे रहे है।राजेंद्र ठाकुर का लक्ष्य है कि वह अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक सेब की पैदावार कर लोगों को इसके प्रति प्रेरित करे ताकि अर्की उपमण्डल के पहाड़ी क्षेत्र भी सेब उत्पादन में एक नाम कमा सके।
