दाड़लाघाट : किसी सोसाइटी या ट्रांसपोर्टर के खिलाफ नहीं, सबके साथ खड़ी : परस राम
मनाेज शर्मा। दाड़लाघाट
हम किसी भी सोसाइटी या ट्रांसपोर्टर के खिलाफ नहीं, हमें सबके साथ खड़े होकर चलना है, हम किसी के विरोध में नहीं। यह बात ग्याना गांव में माइनिंग एरिया की पांच पंचायतों के लैंड लुजर्स सोसायटी के संस्थापक परस राम ने दाड़लाघाट में आयोजित प्रेसवार्ता में कही। संस्थापक परस राम ने कहा कि हम सिर्फ 7 प्रतिशत में काम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि किसी को भी भ्रम में नहीं रहना चाहिए और आज भी वही बात कह रहे हैं, जो 30 वर्ष पहले से लोग कर रहे हैं। परस राम ने सोसायटी की ओर से कहा कि पिछले तीन महीने से गाड़ियां खड़ी हुई है। हमारा प्रशासन से आग्रह है कि जल्द से जल्द पेंडिग कार्य जो कि 7.5 प्रतिशत है, उसे बहाल किया जाए, ताकि लेंड लूजर व विस्थापित बेरोजगारों का कार्य शुरू हो सके। उन्होंने कहा कि हम सभी सोसायटियों को एक होकर काम करना है। हमारा किसी भी वर्ग सोसायटी या किसी भी व्यक्ति से विपरीत कार्य नही करेंगे। हमें अपने बेरोजगार लोगों के साथ इकट्ठे होकर कार्य करना है।
उन्हाेंने बताया कि अम्बुजा उद्योग से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार की मांग करते हुए कहा कि लोगों को उद्योग परिसर में रोजगार दिया जाए। वहीं, भूमि से वंचित लोगों को ट्रक के माध्यम से रोजगार उपलब्ध करवाया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्य रूप से 1992 को हुए लिखित समझौते में अम्बुजा उद्योग, सरकार व माइनिंग के लोगो के बीच जो समझौते हुए उन्हें लागू किया जाए। परस राम ने कहा कि दोनों यूनिट में 100-100 प्रतिशत शेयर पर कार्य किया जा रहा है व सोसायटियों को इनमें प्रति शेयर के हिसाब से कार्य बांटा गया है। इनमें 2900 मेंबर ट्रांसपोर्टर है। वहीं, माइनिंग से 601 मेंबर ट्रांसपोर्टर अभी कार्य कर रहे हैं। संस्थापक परसराम ने कहा कि 26 जून 1992 को एमओयू हुआ था, जो कि सरकार अम्बुजा व लेंड लुजर्स में करार हुआ था की उन टर्म और कंडीशन में लैंड लूजर को प्रथम रोजगार दिया जाएगा।
वहीं, पंचायत प्रतिनिधि उद्योग के लिए ऐसे कामगार उपलब्ध करवाएंगे। उन्होंने कहा कि मांगू से 1325 बीघा अक्वाएर कर लिया गया, परंतु सिर्फ 2 लोगों को ही अभी तक रोजगार मिल पाया है। वहीं, कंडीशन यह है कि उन्हें हिमाचल से बाहर ही रोजगार दिया जाएगा, जबकि हम लोग भूमि यहां दे रहें, तो हमे रोजगार के लिए बाहर क्यों जाएं। उन्होंने कहा कि उद्योग का मानना है कि स्थानीय लोग उद्योग में मनमानी करते हैं, जबकि यहां से बाहर गए कई लोगों को वहां मेंटली टॉर्चर किया गया व उन्हें वापस नाैकरी छोड़ कर घर पर बैठना पड़ा। हम सरकार से आग्रह करते हैं कि जब हमने जमीन यहां दी, तो हम बाहर नाैकरी करने क्यों जाएं। उन्होंने सभी को साथ रहने के लिए कहा कि हम सभी ऑपरेटर्स के साथ खड़े हैं। प्रेसवार्ता के दौरान माइनिंग एरिया की पांच पंचायतों के लैंड लुजर्स सोसायटी के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
