अर्की में धूम-धाम से मनाया गया शरद पूर्णिमा का त्यौहार
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शरद पूर्णिमा के साथ ही दीपावली के आगमन की तैयारी भी शुरू हो जाती है। वही दीपावली के कुछ दिन पहले स्थानीय परंपराओं और रीति-रिवाजों के साथ छोटे छोटे त्यौहारों को भी मनाया जाता है।
उपमंडल अर्की के कई स्थानों पर शनिवार को शारदीय पूर्णिमा जिसे स्थानीय भाषा में माला पुन्या कहा जाता है का त्यौहार मनाया गया। लोगों ने अपने पालतू गाय को नहलाकर उसकी पूजा कर उसकी आरती उतारी तथा अनाज पका कर अपने पशुओं को खिलाया। इसके अलावा रात को कई स्थानों पर पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए बरलाज (सुबह तक आग जलाना) का आयोजन किया गया जिसमें वाद्य यंत्रों के साथ रामायण का गुणगान भी किया गया।
