दाड़लाघाट : स्वास्थ्य सुविधाओं से महरूम दावटी पंचायत के लाेग
मनाेज शर्मा। दाड़लाघाट
क्षेत्र की दावटी पंचायत आजादी के 75 वर्ष पूर्ण करने के बाद भी अभी तक स्वास्थ्य सुविधाओं से महरूम है। सन् 1955 में गठित पुरानी दावटी पंचायत का दुर्भाग्य यह है कि दावटी के नाम से सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुविधाएं तो दी गई, लेकिन उस समय एक ही पंचायत होने के कारण इस स्वास्थ्य उपकेंद्र का हेड क्वार्टर घणागुघाट बनाया गया था। बाद में इस पंचायत से तोड़ कर घणागुघाट पंचायत अलग बन गई और दावटी पंचायत का स्वास्थ्य उप केंद्र घणागुघाट में ही रह गया। विडंबना यह है कि अब घणागुघाट पंचायत को सरकार द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुहैया तो करवा दिया गया, लेकिन दावटी पंचायत के नाम से वहां चल रही डिस्पेंसरी की बार-बार मांग करने पर भी दावटी शिफ्ट नहीं किया जा रहा है। उधर, घणागुघाट पंचायत में पीएचसी का हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री द्वारा शिलान्यास किया गया है। दावटी पंचायत की जनता अब वहां पर चल रही डिस्पेंसरी को स्थानांतरित कर अपनी पंचायत में शिफ्ट करवाने की सरकार से मांग कर रही है।
पंचायत प्रधान इंदिरा देवी का कहना है कि एक और सरकार आजादी का अमृत महोत्सव मना रही है। दूसरी ओर आजादी के 75 वर्ष पूरे हो जाने पर भी हमारी पंचायत स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित है, उनका कहना है कि उनके गांव की डिस्पेंसरी जो इतने वर्षों तक घणागुघाट पंचायत को स्वास्थ्य लाभ देती रही, अब सरकार को चाहिए कि उस डिस्पेंसरी को हमारी पंचायत में शिफ्ट किया जाए, ताकि इस पंचायत के लोगों को स्वास्थ्य संबंधित परेशानियों का सामना न करना पड़े। इस बारे उन्होंने मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री को कई बार ज्ञापन सौंपा है, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक निर्णय सरकार द्वारा नहीं लिया गया है।ज्ञापन दाताओं में प्रधान इंदिरा देवी, उपप्रधान हीरा कौंडल, सदस्य रीता, लता, लेखराज, बृजलाल, हेमलता, बाबूराम, मंसाराम व हरि राम सहित अन्य लोग भी शामिल है।
