दाड़लाघाट : माेबाईल छीनने वाले चाेराें काे पुलिस ने किया काबू
मनाेज शर्मा। दाड़लाघाट
तू डाल डाल मैं पात पात या आगे चोर पीछे सिपाही ये उक्तियां उस समय चरितार्थ हुई, जब दाड़लाघाट पुलिस तथा स्थानीय जनता ने मिलकर बड़ी मशक्कत से बंगोरा में राह चलती एक लड़की से मोबाइल स्नैच करने वाले तरनतारन के दो युवकों को फिल्मी अंदाज में धर दबोचा। बताया जा रहा है कि जैसे ही अपने कॉलेज से वापस घर आ रही भारती पुत्री दिलाराम के हाथ से तरनतारन के लवदीप तथा रवि नामक दो युवकों ने उसका मोबाइल स्नैच कर लिया और तेज गति से अपनी बाइक पर शालाघाट की ओर भाग गए। इस बीच लड़की ने तुरंत इसकी सूचना अर्की पुलिस को दी अर्की पुलिस मुस्तैद हो गई तथा तुरंत दाड़ला पुलिस को इसकी सूचना देकर नाका लगाने को कहा गया। एसएचओ जीत सिंह ने अपनी टीम कांस्टेबल राकेश तथा हिमांशु के साथ मिलकर नाका लगाया। सनैचर जैसे ही दाड़ला नाके के समीप पहुंचे पुलिस नाका देख कर उन्होंने अपनी बाइक एकदम पीछे घूमाई और अपनी बाइक लेकर वापिस भाग गए।
उन्होंने पुलिस को चकमा देने के लिए नर्सरी के पास एक छोटे से संपर्क मार्ग ग्वाह की ओर जाकर अपनी बाइक छुपा दी तथा स्वयं भी छुप गए, जब पुलिस उनका पीछा करती हाईवे पर उनके ठिकाने से आगे निकल गई, तब वह दोनों वहां से निकले और दाड़ला होते हुए दूसरे संपर्क मार्ग पीपलूघाट की ओर मुड़ गए। उधर, पुलिस ने जब देखा कि वे इतने आगे तो नहीं भाग सकते हो सकता है, वह कहीं पीछे छुप गए हो पुलिस पीछे की ओर आई और उनकी पहचान की शिनाख्त पर पूछताछ करती हुई आगे बढ़ी पता चला कि इस शिनाख्त के दो व्यक्ति बाइक पर पीपलूघाट मार्ग पर गए हैं। पुलिस ने फिर पीछा किया, उस समय झमाझम वर्षा भी अपने पूरे जोश में थी, लेकिन बिना किसी प्रकार की परवाह किए पुलिस ने पीपलूघाट सूचना भेजी, वहां स्थानीय जनता तथा पहले से मौजूद पुलिस के सिपाही ने मिलकर उन्हें रोकने की कोशिश की जहां से एक व्यक्ति को तो पकड़ लिया गया, लेकिन दूसरा व्यक्ति सड़क से नीचे छलांग लगा कर भाग गया।
एसएचओ जिनका नाम ही जीत सिंह हो, वह कहां हार मानने वाले थे। उन्होंने यह सोच कर कि आएगा तो सड़क पर ही, दोनों और सड़क पर पुलिस के जवान भेज दिए। जैसे ही भगोड़ा स्नैचर जंगल से सड़क पर पहुंचा पुलिस ने उसका फिर पीछा किया, लेकिन उसने फिर सड़क से नीचे छलांग लगाकर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस के जवान ने भी उसके पीछे ही छलांग लगाकर उसका पीछा किया और आखिर में जोखिम भरे अंदाज में दोनों को काबू कर लिया। पुलिस इस सफलता के लिए जनता को शाबाशी दे रही है और जनता पुलिस को साधुवाद दे रही है। यह बात बिल्कुल सही है कि जनता और पुलिस ने मिलकर ऐसे क्राइम रोकने के लिए एक श्रेष्ठ कार्य को अंजाम दिया है। डीएसपी दाड़लाघाट प्रताप सिंह ठाकुर ने इस जोखिम भरे कार्य को करने के लिए स्थानीय लोगों में से रॉकी तथा अनिल ठाकुर को विशेषतया सम्मान देने की बात कही है।
