558 करोड़ बकाया, वसूली सिर्फ 62 करोड़! आबकारी विभाग अब बकायादारों की संपत्ति कुर्क कर करेगा नीलाम
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में आबकारी विभाग की बकाया वसूली को लेकर चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। विभाग के 558.50 करोड़ रुपये बकाया हैं, जबकि पिछले तीन वित्तीय वर्षों में महज 62.11 करोड़ रुपये की वसूली हो पाई है। विधायक संजय अवस्थी के सवाल पर मुख्यमंत्री ने लिखित जवाब में यह आंकड़ा सदन के पटल पर रखा।
सरकार अब बकायादारों पर सिर्फ नोटिस नहीं, सीधा शिकंजा कसने की तैयारी में है। बकाया नहीं चुकाने वालों की संपत्ति कुर्क करने से लेकर जरूरत पड़ने पर नीलामी तक की कार्रवाई होगी। संबंधित तहसीलदारों को कुर्की वारंट भेजे जा रहे हैं। इतना ही नहीं, आबकारी विभाग की NOC के बिना बकायादारों को सरकारी काम न देने और उनका भुगतान रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इस सख्ती का असर भी दिखने लगा है। कांगड़ा के शाहपुर में एक बकायादार लाइसेंसी की जमीन नीलाम कर 2.51 लाख रुपये वसूले गए, जबकि दो अन्य मामलों में 27 लाख रुपये की वसूली हुई।
डीए पर भी सरकार ने खोला पत्ता
इसी बीच विधानसभा में सरकारी उपक्रमों के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) को लेकर भी सरकार ने स्थिति साफ कर दी। सुखराम चौधरी के सवाल पर मुख्यमंत्री ने बताया कि डीए की दर कंपनी के हिसाब से नहीं, बल्कि कर्मचारी की पेंशन योजना के आधार पर तय होती है। NPS कर्मचारियों को 60% जबकि OPS और EPF कर्मचारियों को 45% डीए मिल रहा है।
यानी विधानसभा में एक तरफ 558 करोड़ की वसूली का बड़ा सवाल गूंजा, तो दूसरी तरफ कर्मचारियों के डीए को लेकर भी सरकार ने स्थिति साफ कर दी।
