बिलासपुर में हर घर में लगे कूड़े के ढेर
बिलासपुर में हर घर में कूड़े के ढेर लग गए हैं। हालत यह है कि लोग गलियां व नालों में चोरी छिपे कूड़ा फेंक रहे हैं। उधर नगर परिषद का कहना है कि कूड़े को उठाने की वैकल्पिक व्यवस्था कर ली गयी है। वैसे जिस दिन से बामटा पंचायत और नगर परिषद के मध्य बिलासपुर शहर के कूड़े को लेकर विवाद आरम्भ हुआ और पंचायत ने खेरियां गांव के साथ डंपिंग साइट पर कूड़ा फैंकने से मना किया उसी दिन से नगर की घर घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था पर ग्रहण लग गया। अब आलम यह है कि शहर के हर चौराहे पर कूड़े के ढ़ेर लगने शुरू हो गये हैं। लेकिन अब नगर परिषद ने वैकल्पिक व्यवस्था कर ली है। दो चार दिनों में नगर के हर घर से कूड़ा उठा लिया जाएगा हालांकि नगर परिषद का मानना है कि इस साईट पर कूड़ा पिछले 23 सालों से फैंका जा रहा है तथा इसे गोविंद सागर झील में जाने से रोकने के भी प्रबंध किये हैं जबकि पंचायत का मानना है कि इससे पंचायत परिधि का वातावरण दूषित हो रहा है तथा आस पास के लोागों में बीमीरियां फैंलने का भी अंदेशा रहता है। ऐसा ही गतिरोध पिछले महीने भी पैदा हुआ था जब पंचायत ने नगर परिषद के कूड़ा वाहनों को रोका था तथा डंपिंग साईट पर तालाबंदी कर दी थी तब जिलाधीश के आश्वासन पर पंचायत ने 25 दिसंबर तक कूड़ा के निष्पादन के लिये वैकल्पिक व्यवस्था के लिये हामी भरी थी। लेकिन जब तय तिथि तक भी इस में कोई सुधार नहीं हुआ तो पंचायत ने फिर कूड़े के वाहनों को खैरियां डंपिंग साईट पर कूड़ा फैंकने से रोक दिया है। लोगों के घरों में कूड़ा जमा हो रहा है या फिर उन्हें रात के अंधेरे में इसे इधर उधर फैंकना पड़ रहा है जिससे नगर में सफाई व्यवस्था चर्रमरा गई है। इस बारे में नगर परिषद की कार्यकारी अधिकारी उर्वशी वालिया ने बताया कि बिलासपुर नगर से कूड़ा उठाने की वैकल्पिक व्यवस्था कर ली गयी है। उन्होंने बताया कि पहले तीन दिन तो गीला और सूखा कूड़ा लोगों के घरों से इकट्ठा ही लिया जाएगा लेकिन तीन दिन के बाद अलग अलग कूड़ा ही लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अलग अलग कूड़ा लेने का नियम कड़ाई से लागू है और इसकी उलंघना करने वालों को जुर्माना किया जाएगा।
