हिमाचल की 136 पंचायतों को 34 करोड़, मनमर्जी से खर्च नहीं होगा पैसा
हिमाचल प्रदेश में निर्विरोध चुनी गई 136 ग्राम पंचायतों के लिए सरकार ने बड़ी सौगात दी है। पंचायती राज विभाग ने इन पंचायतों के लिए कुल 34 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी की है। प्रत्येक पंचायत को 25 लाख रुपये मिलेंगे।
सरकार का यह फैसला पंचायत चुनावों में सहमति और निर्विरोध निर्वाचन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है। हालांकि पंचायतें इस राशि को अपनी मर्जी से किसी भी काम पर खर्च नहीं कर सकेंगी। विभाग की ओर से जारी 28 सितंबर के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही धनराशि का इस्तेमाल करना होगा।
जिलेवार देखें तो शिमला की 42 पंचायतों को सबसे अधिक 10.50 करोड़ रुपये मिलेंगे। सिरमौर की 27 पंचायतों को 6.75 करोड़, किन्नौर की 18 पंचायतों को 4.50 करोड़, लाहौल-स्पीति की 17 पंचायतों को 4.25 करोड़ और सोलन की 13 पंचायतों को 3.25 करोड़ रुपये मिलेंगे।
इसके अलावा मंडी, कुल्लू और ऊना की पांच-पांच पंचायतों को 1.25-1.25 करोड़ रुपये, कांगड़ा की दो पंचायतों को 50 लाख तथा चंबा और बिलासपुर की एक-एक पंचायत को 25-25 लाख रुपये मिलेंगे।
इस राशि का उद्देश्य पंचायतों में विकास कार्यों को बढ़ावा देना है। सरकार ने साफ किया है कि अनुदान का इस्तेमाल निर्धारित नियमों के तहत ही किया जाएगा, ताकि पैसा गांवों की जरूरतों और विकास कार्यों पर सही तरीके से खर्च हो।
