संगड़ाह : 108 पर फोन करने के बाद भी उपलब्ध नहीं हुई एंबुलेंस
उपमंडल संगड़ाह की गेहल पंचायत के अंतर्गत आने वाले गांव हडय़ोट में रविवार को बीमार युवती को संकरे व बर्फीले रास्ते से मुख्य सड़क तक पहुंचाए जाने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा 108 पर कॉल करने के बावजूद एंबुलेंस उपलब्ध नहीं करवाई गई। 108 एंबुलेंस उपलब्ध न होने पर, हरिपुरधार, गत्ताधार व नौहराधार की एंबुलेंस भी उस समय न होने के चलते युवती को प्राईवेट गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया गया। स्वास्थ्य अधिकारी अनुप्रिया ने बताया कि, पेट दर्द से पीडि़त युवती की हालत अब सामान्य है। ग्रामीणों ने पांजड़ी कहलाने वाले स्टेचर पर जिस बर्फीले दुर्गम रास्ते से युवती को सड़क तक पहुंचाया, उस रास्ते पर आम आदमी के लिए पैदल चलना भी आसान नहीं है। 22 जनवरी, तथा तीन फरवरी, को क्षेत्र में हुए भारी हिमपात के बाद हालांकि लोक निर्माण विभाग मंडल संगड़ाह की सभी सड़कों से बर्फ हटाई जा चुकी है, मगर ऊपरी इलाके में रास्तों से बर्फ पिघलना शेष है। जिस कारण रास्ते में चलना मुश्किल है। पिछले एक दशक से भाजपा व कांग्रेस नेताओं द्वारा यहां सड़क निर्माण के कई दावे व घोषणाएं की गईं, मगर अभी तक छह किलोमीटर में से केवल डेढ़ किलोमीटर ही सड़क बनाई गई है। पंचायत प्रधान उपासना के अनुसार उनके कार्यकाल में सिरमौर जिला परिषद अध्यक्ष सीमा कन्याल के माध्यम से इस सड़क को एक लाख का बजट मिला था और पूर्व प्रधान के समय में भी 10 लाख से इस सड़क का निर्माण किया गया था। उन्होंने कहा कि, स्थानीय भाजपा व कांग्रेस नेताओं के अलावा मुख्यमंत्री को भी 25 परिवारों वाली अनुसुचित बस्ती अथवा गांव हडय़ोट के लिए पंचायत का प्रस्ताव भेज बजट उपलब्ध करवाने की मांग कर चुके हैं। प्रधान ने कहा कि, ग्रामीण पंचायत के लोग विभाग को जमीन देने को तैयार हैं। भलाड़ पंचायत के चुइनाधार संपर्क मार्ग से भी इस गांव के लिए सड़क बन सकती है। जिसकी दूरी महज तीन किलोमीटर तक होगी। हडय़ोट गांव की सड़क के शेष निर्माण कार्य को लेकर भी लोक निर्माण विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों से बात की जाएगी। अब मार्च माह के बाद ही बजट मिलने की उम्मीद है।
