साेलन : करुणामूलक संघ द्वारा जिला सोलन में किया गया सातवीं बैठक का आयोजन
फर्स्ट वर्डिक्ट। साेलन
करुणामूलक संघ द्वारा जिला सोलन ब सिरमौर के करुणामूलक आश्रितों के लिए बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें जिला सोलन व सिरमौर के करुणामूलक परिवारों ने इस मीटिंग में भाग लिया। यह मीटिंग (पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस) नियर पुराना बस स्टैंड सोलन के साथ रखी गई। बता दें कि प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार व मीडिया प्रभारी गगन कुमार द्वारा 6 जिलों में मीटिंग का आयोजन उनके द्वारा किया जा चुके हैं, जिसमें जिला ऊना, चंबा, मंडी, कुल्लू कांगड़ा व बिलासपुर मीटिंग की जा चुकी है। बता दें प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार की अध्यक्षता में संघ द्वारा पूर्व सरकार के कार्यकाल मैं 432 दिनों का देश और प्रदेश का सबसे बड़ा धरना प्रदर्शन राजधानी शिमला में किया जा चुका है, परंतु पूर्व सरकार इन आश्रित परिवारों को राहत नहीं दे पाई, जब विपक्ष में कांग्रेस सरकार थी तो उनके द्वारा विधानसभा से लेकर चुनावों में भी करुणामूलक परिवारों का मुद्दा जोरों-शोरों से उठाया गया और एक एकमुशत इन परिवारों को नौकरी देने का वादा कांग्रेस सरकार ने किया है।
अब कांग्रेस सरकार बनते ही करुणामूलक परिवारों मे नौकरी की आस जगी है। सरकार बनते ही जनवरी माह में करुणामूलक संघ के पदाधिकारी द्वारा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से शिमला में करुणामूलक नौकरी बहाली के लिए भेंट हुई, जिस पर मुख्यमंत्री द्वारा इन परिवारों को एकमुश्त नौकरी देने का और मार्च के बजट सत्र इन परिवारों के लिए अलग से बजट में प्रावधान करने का आश्वासन दिया 15 फरवरी से पहले करुणामूलक परिवारों का हित का एजेंडा संघ की कार्यकारिणी को पेश करने का समय दिया गया, जिस पर करुणामूलक संघ की राज्य कार्यकारिणी हिमाचल प्रदेश के हर एक जिला मैं बैठक कर रही है, वह समस्त परिवारों से वार्तालाप वह सुझाव लेकर करुणामूलक परिवारों के हित का एजेंडा 15 फरवरी से पहले हजारों की संख्या में पहुंचकर करुणामूलक एजेंडा सरकार और मुख्य सचिव को सौंपेगी। बता दें कि इस समय 3000 करुणामूलक परिवार क्लास-सी व क्लास-डी दोनों श्रेणियों में नाैकरी का इंतज़ार कर रहे हैं और सभी आश्रितों को पूरी उमीद है कि सरकार समस्त करुणामूलक आश्रितों के दर्द को समझेगी व बजट में करुणामूलक आश्रितों को लेकर स्पेशल प्रावधान करेगी।
मुख्य मांगें-
1) आगामी कैबिनेट में पॉलिसी संशोधन किया जाए व निम्न बातें ध्यान में रखी जाए।
a) 5 लाख आय सीमा निर्धारित की जाए जिसमें एक व्यक्ति सालाना आय शर्त को हटाया जाए।
b) वित विभाग के द्वारा रेजेक्टेड केसों को कंसिडेर न करने की नोटिफिकेशन को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया जाए और रेजेक्टेड केसों को दोवारा कंसिडेर करने की नोटिफिकेशन जल्द की जाए।
c) क्लास-C व क्लास-D में 5% कोटे की शर्त को हमेशा के लिए हटा दिया जाए।
d) योग्यता के अनुसार क्लास-c व क्लास-D के सभी श्रेणियों (Technical+ non Techanical) के सभी पदों में नाैकरियां दी जाए ताकि एक पद पर बोझ न पड़े।
2) बजट सत्र में करुणामूलक् आश्रितों के लिए अलग से स्पेशल बजट का प्राबधान किया जाए।
3) समस्त करुणामूलक परिवारों को क्लास-सी व क्लास-डी में अप्रेल माह से नियुक्तियां दी जाए।
उपरोक्त मांगों के संदर्भ में जल्द से जल्द कार्यवाही की जाए, ताकि सब परिवारों को नोकरी मुहैय्या हो सके।
