सिरमौर : टोकियो स्कूल के दो बच्चों को मिला 'खुशियों का सहारा'
मेरा गांव, मेरा देश एक सहारा संस्था के द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय टोकियो में आज बच्चों को गर्मी से राहत के लिए पंखा भेंट किया गया तथा वहां पढ़ रहे दो बच्चों को खुशियों का सहारा योजना से जोड़ा गया। इस योजना में इन बच्चों की पढ़ाई में मदद की जाएगी जैसे किताबें, कापी, पेन, पेंसिल, ड्रेस, जूते, चप्पल, कोचिंग व अन्य रूप से भी पढ़ाई के लिए बच्चों का सहयोग किया जाएगा तथा बच्चों को पढ़ाई करने के लिए हर संभव मदद की जाएगी।
संस्था के द्वारा इन जरूरतमंद बच्चों के लिए शिक्षा स्तर पर बच्चों के घर में आ रही समस्या से निजात के लिए यह खुशियों का सहारा योजना चलाई गई है। मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था के द्वारा पहले भी जरूरतमंद लोगों की सहायता की जाती है तथा संस्था के द्वारा खुशियों का बैंक भी खोला गया है जहां पर प्रतिदिन निशुल्क ट्यूशन लेने बच्चे आते हैं।
संस्था के संस्थापक अनुराग गुप्ता, पुष्पा खंडूजा व नीरज बंसल ने बताया कि संस्था के द्वारा बहुत ही जल्द खुशियों का घर भी खोला जाएगा जिसके लिए भूमि चयनित की जा रही है जहां पर असहाय बुजुर्ग व बच्चों को एक साथ रहने खाने पीने की सुविधा भी मिलेगी। उससे पहले संस्था के द्वारा खुशियों का सहारा एक योजना चलाई गई है, जिसमें माजरा क्षेत्र के माजरा, कोटडी ब्यास, सैनवाला, मिश्र वाला टोकियो स्कूलों के बच्चों को खुशियों के सहारा योजना के साथ जोड़ा जा रहा है।
संस्था के द्वारा प्रथम चरण में लगभग 12-15 बच्चों को खुशियों का सहारा दिया जा रहा है। संस्था के संचालक ने बताया कि बच्चों को खुशियों का सहारा समाजसेवियों की मदद से दिया जा रहा है तथा संस्था के साथ जुड़ने के लिए भी समाजसेवियों से आग्रह किया गया है। उन्होंने बताया कि संस्था के साथ प्रतिमाह 00 या 1100 रुपये वार्षिक सदस्यता देकर जरूरतमंद लोगों की सहायता की जा सकती है तथा अगर आपके घर में कोई भी गैर जरूरतन सामान जैसे कपड़े खिलौने बर्तन बिस्तर कॉपी पेंसिल कलर्स ड्राइंग फाइल इत्यादि है तो वह खुशियों का बैंक माजरा में जमा करवा सकते हैं।
