सोलन : शहीद ए आजम भगत सिंह को 114वी जयंती पर श्रद्धांजलि की गई अर्पित
भगत सिंह को एसएफआई सोलन इकाई द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की गई। एसएफआई का मानना है कि भगत सिंह सिर्फ एक नाम नहीं बल्कि एक विचार है जो सभी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है। आज भी शाहिद भगत सिंह के सपने अधूरे हैं। लोगों को धर्म - जाति के आधार पर लडवाया जाता है, मजदूरों किसानों की हालत में कोई परिवर्तन नहीं आया है। देश के अंदर जिस समाजवादी व्यवस्था के लिए भगत सिंह और उनके साथी काम किया करते थे, उनको खत्म कर पूंजीवादी और फासीवादी व्यवस्था की तरफ देश को धकेला जा रहा है। शहीद भगत सिंह विद्यार्थी जीवन में ही बेहतरीन शिक्षा व्यवस्था और युवाओं पर अपने विचार की छाप छोड़ गए थे। उन्होंने विद्यार्थी और युवाओं के नाम बहुत से पत्र लिखे थे। आज उन पत्रों को पढ़ना बहुत जरूरी है क्योंकि भगत सिंह जिस देश का सपना देखा था वह अभी भी अधूरा है। शहीद ए आजम भगत सिंह एक ऐसे समाज की कल्पना करते थे, जिसमें किसी भी इंसान का शोषण ना हो और ना ही लोगों में धर्म जाति के आधार पर कोई भेदभाव हो। सभी लोग एक समान हो उनके बीच कोई भी अमीरी गरीबी की रेखा न हो। सभी को पढ़ने का अधिकार हो सभी को रोजगार मिले। पर आज हमारे देश के राजनेता लोगों को धर्म जाति के आधार पर मरवा रहे हैं। किसानों मजदूरों की स्थिति आज देश के अंदर बहुत खराब हो गई है। अमीरी गरीबी की रेखा में बहुत बड़ा फैसला आ गया है जिसके लिए सभी लोगों को एकजुट होना पड़ेगा और अपने हकों की लड़ाई लड़नी पड़ेगी ,तभी हम भगत सिंह के द्वारा देखी गई वैज्ञानिक समाजवादी व्यवस्था स्थापित कर सकेगे। एसएफआई जिला कमेटी सदस्या वंशिका ने कहा कि एसएफआई अपनी स्थापना के समय से ही शहीद भगत सिंह के विचारों पर चलकर देश के अंदर एक जनवादी वैज्ञानिक और प्रगतिशील शिक्षा व्यवस्था और देश के अंदर अन्य समस्याओ को लेकर संघर्ष करती रहती है। इस मौके पर - वंशिका, संजय, संतोष, शिवानी, नेहा, निति, अदिति, श्रेया, शानू , साक्षी, गरिमा इत्यादि शामिल रहे।
