हिमाचल राजकीय संस्कृत शिक्षक परिषद के द्वारा शास्त्री एवं भाषाध्यापकों की संयुक्त बैठक प्रदेशाध्यक्ष डॉ मनोज शैल की अध्यक्षता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दाड़लाघाट में सम्पन्न हुई।बैठक में चंबा,कांगड़ा,ऊना,हमीरपुर,मण्डी,बिलासपुर,सोलन,शिमला,सिरमौर तथा किन्नौर के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।बैठक में सभी ने एक स्वर में प्रदेश सरकार से इस बजट सत्र में शास्त्री व भाषाध्यापकों को टीजीटी शास्त्री तथा टीजीटी हिन्दी पदनाम देने का आग्रह किया।प्रदेशाध्यक्ष डॉ मनोज शैल ने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व शिक्षा मंत्री गोविन्द ठाकुर ने इस बजट सत्र में शास्त्री व भाषाध्यापकों को टीजीटी पदनाम देने का वादा किया है,इसके लिए हम मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री का सभी शास्त्री व भाषाध्यापक आभार प्रकट करते हैं तथा सरकार व शिक्षा विभाग से निवेदन करते हैं कि इस बजट सत्र में इस टीजीटी पदनाम के वादे को पूरा कर शास्त्री व भाषाध्यापकों के वनवास व अज्ञातवास को समाप्त करे।इसके लिए शास्त्री व भाषाध्यापकों की एक 25 सदस्यीय संयुक्त समिति बनाई गई।जिसमें डॉ अरुण शर्मा को संयोजक,नरेश कुमार को संगठन मंत्री,कमल कांत गौतम को सह संयोजक तथा ज्ञान चंद को संयुक्त सचिव बनाया गया।डॉ शैल ने कहा कि शास्त्री व भाषाध्यापक हर विद्यालय की रीढ़ माने जाते हैं।विद्यालय के छोटे से बड़े हर कार्य में उनकी मुख्य भूमिका रहती है,फिर भी योग्य होने पर भी वे टीजीटी पदनाम न मिलने से उपेक्षित हैं।हर सरकार ने केवल अब तक आश्वासन ही दिया है,लेकिन जयराम सरकार ने इस बजट सत्र में इसे पूरा करने का वादा किया है और हमें पूर्ण रूप से आशा है कि आगामी 6 मार्च को मुख्यमंत्री आगामी बजट में इसकी घोषणा कर शास्त्री व भाषाध्यापकों को समान धारा में लाकर इस चिरपरिचित मांग को पूरा करेंगे।इस बैठक में परिषद् के संरक्षक डॉ अरुण शर्मा,उपाध्यक्ष अमर सेन,महासचिव डॉ अमित शर्मा,कोषाध्यक्ष सोहनलाल, अनमोलानन्द,संगठन मंत्री योगेश अत्रि,आईटी संयोजक अमनदीप शर्मा,चंबा के महासचिव हेम सिंह,ऊना के महासचिव शिवकुमार,हमीरपुर के महासचिव रजनीश कुमार,बिलासपुर के प्रधान राजेन्द्र शर्मा,शिमला के प्रधान दिग्विजयेन्द्र कालिया,सिरमौर के प्रधान रामपाल अत्रि,मण्डी के महासचिव बलवंत,सोलन के सोहन लाल,कमल कांत गौतम,खेमचंद शास्त्री,भाषाध्यापक नरेश कुमार,ज्ञान चन्द,देवेन्द्र कुमार,वीरेन्द्र कुमार,धर्मेन्द्र,राकेश कुमार सहित लगभग 80 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।