दाड़लाघाट में साइबर कैफे की लूट से आम जनता परेशान
आम आदमी की सुविधा के लिए खोले गए लोकमित्र केंद्र व साइबर कैफे (जनसेवा केंद्रों) पर लूट मची हुई है। प्रमाण पत्र बनाने के लिए आवेदकों का जमकर शोषण किया जा रहा है। 39 रुपये आवेदन शुल्क के स्थान पर 70 रुपये से लेकर 150 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। ऐसे में मजबूरी में अभ्यर्थियों को 100 से 150 रुपये देने पड़ रहे हैं, वहीं तहसील प्रशासन लिखित शिकायत का इंतजार कर रहा है। इन दिनों विभिन्न शिक्षण संस्थानों में दाखिले की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके अलावा, विभिन्न विभागों में नौकरी की प्रक्रिया भी चल रही है। ऐसे में जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए मारामारी मची हुई है।
दाड़लाघाट उप तहसील के लोकमित्र केन्द्रो व प्राइवेट सायबर कैफों पर सुबह से ही भीड़ होना शुरु हो जाती है। डिजीटल इंडिया के तहत सरकार की ओर से सायबर कैफे भी खोले गए हैं। उप तहसील क्षेत्र में इन केंद्रों की संख्या 8, 9 है। इन केंद्रों पर कोई भी व्यक्ति प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन कर सकता है। कम्प्यूटराइज खतौनी प्राप्त कर सकता है लेकिन आवेदन बनाने के नाम पर उनका शोषण किया जा रहा है। सरकार की ओर से आवेदन शुल्क 37 रुपये तय किया गया है, लेकिन इन केंद्रों पर 70 रुपये से लेकर 150 रुपये तक लिए जा रहे हैं।
निशांत, मनीष, प्रेम केशव, राजेश गुप्ता, जय सिंह ने बताया कि दाड़लाघाट में लोकमित्र केंद्र व सायबर कैफे पर निर्धारित शुल्क से ज्यादा रुपये वसूले जा रहे हैं लेकिन, उप तहसील प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
इधर, उप तहसीलदार दाड़लाघाट बसन्त लाल राजटा ने कहा कि जनसेवा केंद्रों में ज्यादा वसूली से संबंधित कोई शिकायत उनके पास नहीं आई है। यदि ऐसा है तो आकस्मिक निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी।
