दाड़लाघाट - आरएसएस के स्थापना दिवस पर शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विश्व का सबसे बड़ा संगठन है। इसकी कार्यपद्धति भी अनूठी है। यह संगठन हिंदू धर्म, हिंदू संस्कृति और हिंदू समाज के लिए समर्पित है। संगठन की पहचान इसकी शाखा है। शाखा प्रतिदिन लगती है। सभी स्वयंसेवक नित्य शाखा आते हैं। संघ का उद्देश्य है शाखा को आदर्श और गुणवत्तार्पूण बनाना। उक्त बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रान्त कटुब प्रबोधन प्रमुख धर्मपाल ने कही। वे सरस्वती विद्या मंदिर दाड़लाघाट के खेल मैदान में विजयादशी उत्सव व आरएसएस स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी लोग नित्य शाखा जाएं। शाखा में होने वाले छोटे-छोटे कार्यक्रमों के माध्यम से ही कार्यकर्ता का निर्माण होता है और यही कार्यकर्ता देश को सही दिशा और दशा देते हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि प्रतिदिन एक घंटा का समय आरएसएस को दें, तो देश विश्वगुरु बन जाएगा। इस दिशा में हम काफी तेजी से आगे बढ़ रहे है। इससे पूर्व विजयादशमी एवं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में दाड़लाघाट जिला के सरस्वती विद्या मंदिर में पथ संचलन एवं शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पाठशाला के खेल प्रांगण से दाड़लाघाट बाजार से होते हुए आईटीआई तक पूर्ण गणवेश के साथ कदम से कदम मिलाकर स्वयंसेवकों ने पथ संचलन करते हुऐ समाज मे राष्ट्रीय एकता का सन्देश दिया। संचलन में शामिल होने के लिये स्वयंसेवक दूर-दराज के इलाकों से सुबह ही दाड़लाघाट नगर पहुंच गए। सभी स्वयंसेवकों ने इस वार्षिकोत्सव को बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस दौरान अम्बुजा चौक दाड़लाघाट पर स्वयंसेवकों पर पुष्प वर्षा की गई। कार्यक्रम में दाड़लाघाट नगर व कराडाघाट नगर के 70 स्वयंसेवक आए हुए थे। पथ संचलन के दौरान कोविड-19 का भी पालन भी किया गया। इस मौके पर प्रान्त कटुब प्रबोधन प्रमुख धर्मपाल, कार्यक्रम अध्यक्ष सुरेश भारद्वाज, नगर कार्यवाह राजेन्द्र कपिल, खण्ड कार्यवाह हरीश, नगर संघ चालक राम चन्द्र, प्रचारक टीकम राम, पंकज गुप्ता, सनी, संजय, प्रदीप सहित काफी संख्या में दाड़लाघाट व कराडाघाट नगर के स्वयंसेवक मौजूद रहे।
