घातक रसायनों की जगह प्राकृतिक खेती करने पर दिया बल
ग्राम पंचायत सूरजपुर में कृषि विभाग द्वारा आयोजित प्राकृतिक खेती शून्य लागत विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का समापन हो गया। यह जानकारी देते हुए बीटीएम कुनिहार निखिल संख्यान ने बताया कि शिविर में 48 किसानों ने भाग लिया। कार्यशाला में किसानों को प्राकृतिक रूप से खेती में उपयोग होने वाले उर्वरक और कीटनाशक बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें प्राकृतिक रूप से फसलों पर होने वाले कीटों व फफूंद के हमलों पर नियंत्रण और उनकी रोकथाम करने के लिए प्राकृतिक चीजों के मिश्रण से आग्नेयस्त्र,ब्रह्मास्त्र,निमास्त्र,जीवामृत, बीजामृत,धनामृत जैसे पहाड़ी गाय के मूत्र व गोबर से निर्मित जीवाणु बनाकर दिखाए गए। लघु स्तर पर इसको आरम्भ करने और घातक रसायनों की जगह प्राकृतिक खेती करने पर बल दिया गया। इस दौरान उपस्थित किसानों द्वारा पूछे गए पश्नों व उनकी शंकाओं का समाधान भी किया गया। वहां मौजूद सभी किसानों ने प्रतिज्ञा की वे प्राकृतिक खेती के नए आयाम स्थापित करना चाहेंगे। भविष्य में खेती में खतरनाक रसायनों का प्रयोग नही करेंगे। प्राकृतिक रूप से खेती का विस्तार करेगें ताकि लोगों के स्वास्थ्य पर कुप्रभाव न पड़े।
