बेहतर भविष्य के लिए बुजुर्गों के अनुभवों से सीख लें युवा-डॉ. सैजल
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने छात्रों का आह्वान किया कि वे बुजुर्गों के अनुभवों से सीख लें क्योंकि वरिष्ठ जनों द्वारा जीवन से प्राप्त अनुभव युवाओं के भावी जीवन का सुदृढ़ आधार बन सकते हैं। डॉ. सैजल आज सोलन जिला के कसौली विधानसभा क्षेत्र के चामियां स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के वार्षिक समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। डॉ. सैजल ने कहा कि वर्तमान समय की भागदौड़ और तनाव भरे जीवन में हम कहीं न कहीं अपने परिवार के बुजुर्गों से संवाद स्थापित करने से दूर हो गए है। उन्होंने कहा कि इसका एक कारण हमारी जीवनशैली में परिवर्तन भी है। हम संयुक्त परिवार के स्थान पर एकल परिवार की ओर मुड़ गए है। इसके नकारात्मक प्रभाव अब दृष्टिगोचर हो रहे है। उन्होंने कहा कि हमारे बुजुर्गों ने अपना जीवन अपने परिवार, समाज तथा राष्ट्र की बेहतरी में समर्पित किया है। सभी वरिष्ठ नागरिक अपने युवा काल में देशहित के कार्यों में संलग्न रहे है।
उन्होंने कहा कि ऐसे बुजुर्गों के अनुभव हम सभी के लिए विकास के द्वार खोल सकते है। वरिष्ठ जन अपने अनुभव के आधार पर युवाओं को चुनौतियों से जूझना सिखाकर कर उनके स्वर्णिम विकास का रास्ता दिखा सकते है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि बुजुर्गों से नियमित संवाद स्थापित करें और उनके अनुभवों से अपना भविष्य सुरक्षित बनाते हुए प्रदेश व देश के विकास में योगदान दें।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि अभिभावकों को भी नियमित तौर पर अपने बच्चों के साथ नियमित वार्तालाप करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे जहां युवा अपनी परेशानियों व समस्याओं को बेहिचक अभिभावकों के समक्ष रख पाएंगे वहीं अभिभावक भी अपने बच्चों की परेशानियों का शीघ्र हल ढूंढ पाएंगे। ऐसे संवाद से युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखने में भी सहायता मिलेगी। डॉ. सैजल ने सभी छात्रों से आग्रह किया कि वे स्वच्छता के विषय में अपने परिजनों सहित अन्य को जागरूक बनाएं। उन्होंने कहा कि साफ वातावरण स्वास्थ्य एवं विकास के लिए आवश्यक है। इस दिशा में छात्रों की सहभागिता अनिवार्य है। उन्होंने अध्यापकों का आह्वान किया कि वे छात्रों को स्वच्छता जैसे सामाजिक विषय की बारिकियों से अवगत करवाएं। सहकारिता मंत्री ने कहा कि सभी बच्चे जन्मजात प्रतिभा के धनी होते है। अभिभावकों और अध्यापकों के उचित मार्गदर्शन द्वारा बच्चों की प्रतिभा को सभी के सामने लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि सही समय पर बच्चों को सही प्रेरणा प्राप्त हो तो बच्चे अनेक चमत्कारिक कार्य कर सकते है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में आयोजित होने वाले वार्षिक समारोह इस दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे पारिवारिक संस्कारों और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाएं। डॉ. सैजल ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने के लिए कृतसंकल्प है और इस दिशा में गत दो वर्षों में कार्यान्वित की जा रही योजनाओं के बेहतर परिणाम सामने आ रहे है। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले स्कूली बच्चों को अपनी ऐच्छिक निधि से 11000 रुपए प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने मेधावी छात्रों तथा सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य पंकज बक्शी ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा विद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता लाज किशोर शर्मा, ग्राम पंचायत चामियां के प्रधान लीला सिंह, ग्राम पंचायत कसौली-गढ़खल की प्रधान मधु शर्मा, भाजयुमो प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मदन शांडिल, स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष गुलाब सिंह, ग्राम पंचायत चामियां के पूर्व प्रधान देवेंद्र ठाकुर, ग्राम पंचायत के उपप्रधान टीकाराम, सेवानिवृत प्रधानाचार्य सुमेधा शर्मा, डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के सेवानिवृत वैज्ञानिक प्रो. टीडी वर्मा, विभिन्न विभागों के अधिकारी, अन्य गणमान्य व्यक्ति, अभिभावक, अध्यापक तथा छात्र इस अवसर पर उपस्थित थे।
