नशे से लड़ने के लिए समाज को एक साथ आने की जरूरत है: डॉ कौशल
डॉ वाईएस परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के कुलपति डॉ परविंदर कौशल ने ड्रग्स के खतरे से खिलाफ समाज को एक साथ आने और इसके दुष्प्रभाव के बारे में जागरूकता पैदा करने का आह्वान किया ताकि देश अपनी पूरी क्षमता से कार्य कर सके। यह बात उन्होनें विश्वविद्यालय और सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, शमरोड़ के छात्रों को संबोधित करते हुए कही। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के व्यापार प्रबंधन विभाग द्वारा आयोजित किया गया जिसके तहत संकाय द्वारा मादक पदार्थों के सेवन और मद्य निषेध पर व्याख्यान भी दिए गए। राज्य सरकार द्वारा इस विषय पर शुरू किए गए महीने भर के अभियान के तहत विश्वविद्यालय भी अनेक कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है। इस अवसर पर डॉ कौशल ने कहा कि शिक्षकों और अभिभावकों का नशीली दवाओं के दुरुपयोग के बारे में छात्रों और युवाओं को जागरूक करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने छात्रों से जीवन में सफलता के लिए आवश्यक एक स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का आग्रह किया। उन्होनें अपनी ऊर्जा को सही दिशा में ले जाने के लिए खेल गतिविधियों में भी भाग लेने की बात कही। डॉ कौशल ने कहा कि राष्ट्र का भविष्य युवाओं के कंधों पर टिका है, लेकिन दुर्भाग्य से आज के युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं जिसे हमें मिलकर रोकना होगा। व्यवसाय प्रबंधन विभाग के हैड डॉ केके रैना ने भी ड्रग्स के सेवन और लोगों के व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन पर इसके प्रभाव के बारे में बात की। इस विषय पर चार विशेष व्याख्यान भी दिए गए। इसके अलावा, विश्वविद्यालय में डॉ लोकेश ममगैन, जिला आयुर्वेद अधिकारी सोलन ने छात्रों को ड्रग्स के दुरुपयोग, नशों और इसकी आदत से ग्रसित लोगों की पहचान, इसके लक्षण, उपचार और रोकथाम सहित विभिन्न पहलुओं पर संबोधित किया। विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों ने ड्रग्स के दुरुपयोग और शराब के दुष्प्रभाव के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए विश्वविद्यालय परिसर में प्रभात फेरी का आयोजन किया। छात्रों को ड्रग्स और शराब का सेवन न करने की शपथ भी दिलाई गई। एनएसएस के छात्रों ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया।
