शिक्षित कन्या ही महिला सशक्तिकरण का आधार- डाॅ. सैजल
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि कन्याओं को सुशिक्षित कर ही हम महिला सशक्तिकरण के लक्ष्य को पूर्ण रूप से प्राप्त कर सकते है। डाॅ. सैजल सोलन जिला के कसौली विधानसभा क्षेत्र के भोजनगर स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित जनमंच की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर महत्वाकांक्षी बेटी है अनमोल योजना, बेटी-बचाओ बेटी-पढ़ाओ योजना एवं सशक्त महिला योजना के तहत नवजात बच्चियों एवं लड़कियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि सुशिक्षित कन्या समय आने पर दो परिवारों को राह दिखाती है। उन्होंने कहा कि सुशिक्षित महिला अपने परिवार के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र में भी शिक्षा एवं संस्कारों की लौ जगाती है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि लड़कियों को उच्च शिक्षा उपलब्ध करवाएं। डाॅ. सैजल ने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सौजन्य से देशभर में महिला सशक्तिकरण का कार्य किया जा रहा है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जहां शिशुओं, किशोरियों एवं महिलाओं को स्वस्थ रखने की दिशा में योजनाएं है तो वहीं उनकी शिक्षा-दीक्षा के लिए भी अनेक कार्यक्रम कार्यान्वित किए जा रहे है। उन्होंने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ हस्ताक्षर अभियान पट्ट पर हस्ताक्षर भी किए। डाॅ. सैजल ने ‘एक बूटा बेटी के नाम’ योजना के तहत जामुन का पौधा भी रोपा। उन्होंने बेटी है अनमोल योजना के तहत क्षेत्र की 10 कन्याओं को 10-10 हजार रुपये की एफडी भी भेंट की। उन्होंने बेटी जन्मोत्सव के तहत 05 कन्या शिशुओं को सम्मानित किया। उन्होंने इस अवसर पर सशक्त महिला योजना के तहत 02 लड़कियों को प्रदेश शिक्षा बोर्ड की दसवीं कक्षा की परीक्षा में अव्वल रहने पर सम्मानित किया। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को जीवन में उतारें तथा बेटियों को बोझ न समझें। जनमंच में कन्या शिशुओं का अन्न प्राशन्न संस्कार भी करवाया गया। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई की प्रदर्शनियों का अवलोकन भी किया। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों में दिए जा रहे पोषाहार एवं अन्य प्रदर्शित वस्तुओं में गहरी रूचि दिखाई।
