नशामुक्ति अभियान में जन-जन की सहभागिता अनिवार्य- मधुसूदन शर्मा
सोलन जिला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मधुसूदन शर्मा ने कहा कि मादक द्रव्यों के व्यसन एवं नशे के व्यापार पर रोक लगाने के लिए जहां युवा पीढ़ी पर ध्यान दिया जाना आवश्यक है, वहीं इस अभियान में जन-जन की सहभागिता अनिवार्य है। मधुसूदन शर्मा सोलन जिला के अर्की उपमण्डल के बातल में नशा निवारण के सम्बन्ध में आयोजित एक जागरूकता कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। मधुसूदन शर्मा ने कहा कि नशे के सौदागरों के विरूद्ध पुलिस विभाग सदैव क्रियाशील रहता है। पुलिस का यह प्रयास रहता है कि नशे के सौदागरों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई कर इन्हें पनपने से रोका जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस के इस दिशा में किए जा रहे प्रयास सफल भी हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि गत एक वर्ष की अवधि में सोलन जिला पुलिस द्वारा गुप्त सूचना के आधार पर नशे के सौदागरों के विरूद्ध 100 से अधिक मामलों में कार्रवाई की गई है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि नशे के विरूद्ध पुलिस को बिना किसी डर के सूचित करें। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में सीधे पुलिस अधीक्षक सोलन को लिखित सूचना भी दी जा सकती है। सूचना देते समय अपना नाम, पता इत्यादि की जानकारी देने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने लोगों को विश्वास दिलाया कि ऐसे मामलों में सूचनाकर्ता का नाम गुप्त रखा जाता है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने लोगों को ड्रग फ्री हिमाचल ऐप की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की। उन्होंने कहा कि इस एप को अपने मोबाईल पर उपलब्ध प्ले स्टोर से डाउनलोड कर प्रयोग किया जा सकता है। मधुसूदन शर्मा ने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए अभिभावकोें को नियमित रूप से अपने बच्चों के व्यवहार पर ध्यान देना होगा। यदि बच्चे के व्यवहार में अकारण परिवर्तन आ रहे हों तो जानकारी जुटाकर कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में विशेषज्ञ चिकित्सकों से सलाह ली जा सकती है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि नशा मुक्त हिमाचल के लिए एकजुट होकर कार्य करें और इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्रदेश एवं जिला पुलिस को सहयोग दें। इस अवसर पर राजकीय उच्च विद्यालय बातल की छात्रा एश्वर्या द्वारा नशा निवारण विषय पर प्रस्तुत विचारों को सभी द्वारा सराहा गया। इस अवसर पर प्रदेश पथ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबन्धक सुरेश धीमान, विभिन्न स्वंय सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, स्कूली छात्र, महिलाएं तथा अन्य व्यक्ति उपस्थित थे।
