दिव्यांग जनों के उत्थान के लिए समर्पण के साथ कार्य करना आवश्यक-विवेक चंदेल
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी सोलन विवेक चंदेल ने कहा कि दिव्यांग जन समाज का अभिन्न अंग है तथा हम सभी को दिव्यांगों के सामाजिक व आर्थिक उत्थान के लिए समर्पण एवं सजगता के साथ कार्य करना चाहिए। विवेक चंदेल यहां दिव्यांग जनों के पुनर्वास के लिए सोलन जिला के विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आयोजित प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम भारतीय पुनर्वास परिषद नई दिल्ली तथा समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास, पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण केंद्र, सुंदरनगर, जिला मण्डी (सीआरसी) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में 65 से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। विवेक चंदेल ने कहा कि उचित मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण के साथ दिव्यांग किसी भी क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकते है। इस दिशा में विशेष रूप से उन विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का संवेदनशील होना आवश्यक है जो दैनिक रूप से जनहित के कार्यों से जुड़े है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सदैव दिव्यांग जनों के साथ संवेदनशीलता अपनानी चाहिए। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आग्रह किया कि दिव्यांगजनों का उचित मार्गदर्शन करें। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी ने कहा कि सुदंरनगर स्थित यह केंद्र दिव्यांग जनों की सहायता और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आग्रह किया कि कार्यक्रम में प्राप्त जानकारी को जन-जन तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि सुंदरनगर स्थित इस केंद्र में सभी को बेहतर सीखने का अवसर प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों की सहायता के लिए केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा बनाए गए नियमों का पालन किया जाना चाहिए। विवेक चंदेल ने कहा कि केंद्र अगले अकादमिक सत्र से ‘इंडियन साइन लेंगवेज इन्टरप्रिटेशन’ (डीआईएसएलआई) तथा ‘कम्प्यूटर एजूकेशन-विजुअल इम्पेयरमेंट’ (डीसीईवीआई) विषयों में डिप्लोमा पाठ्यक्रम आरंभ करेगा। केंद्र के प्रभारी मंजीत सैनी ने कहा कि समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास, पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण केंद्र, सुंदरनगर की स्थापना वर्ष 2001 में की गई थी। इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग जनों के लिए प्रशिक्षित श्रम शक्ति का विकास, इस दिशा में अनुसंधान एवं दिव्यांग जनों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध करवाना है। केंद्र इस दिशा में सभी स्तरों पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षित करता है। दिव्यांगजनों के अभिभावकों तथा समुदाय को जागरूक बनाने के लिए केंद्र नियमित कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। यह केंद्र दिव्यांग जनों की आवश्यकतानुसार उपकरण भी निर्मित करता है। केंद्र आमजन को जागरूक करने और सामान्य विद्यालयों के अध्यापकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं इत्यादि के लिए लघु एवं दीर्घ अवधि के शैक्षणिक पाठ्यक्रम भी आयोजित करता है। केंद्र द्वारा प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर दिव्यांग जनों के लिए पुनर्वास शिविर भी आयोजित किए जाते है। केंद्र के भौतिक चिकित्सा एवं पुनर्वास विभाग के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार अवस्थी ने दिव्यांगजनों की समस्याओं पर विस्तार से जानकारी दी। पुनर्वास अधिकारी प्रियदर्शी मिश्रा ने दिव्यांग जनों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। केंद्र के प्रशिक्षक एवं प्रबंधक शक्ति सिंह ने कार्यक्रम में दिव्यांग जनों के लाभ के लिए तकनीक के प्रयोग की जानकारी दी। कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में दिव्यांगजनों के अधिकार अधिनियम पर विस्तृत चर्चा की गई। केंद्र द्वारा जानकारी दी गई कि भारत सरकार के निर्देशानुसार सभी विभागों में एक-एक कर्मी सांकेतिक भाषा का जानकार होना चाहिए। उन्होंने आग्रह किया कि सभी विभागों के एक-एक व्यक्ति को सुंदरनगर प्रशिक्षण के लिए भेजा जाए। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने संवाद के माध्यम से विभिन्न विषयों पर सारगर्भित जानकारी प्राप्त की।
