सलोगड़ा की बरड़ बस्ती में विश्व एड्स दिवस पर जागरूकता शिविर आयोजित
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सोलन गुरमीत कौर ने कहा कि एड्स जैसी घातक बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता सर्वोत्तम है। गुरमीत कौर रविवार को विश्व एड्स दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन द्वारा सलोगड़ा की बरड़ बस्ती में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही थी। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने कहा कि सभी को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा एड्स रोग के विषय में प्रदान की जा रही जानकारी से लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी जानकारी को सदैव स्मरण रखना चाहिए और बचाव के लिए बताए गए उपायों का पालन करना चाहिए। उन्होंने इस अवसर पर विभिन्न कानूनों की जानकारी प्रदान की। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मुक्ता रस्तोगी ने इस अवसर पर उपस्थित लोगों को एड्स के कारण, लक्षण व इसके बचाव की सम्पूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने एड्स पीडि़तों के लिए प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि एड्स एक जानलेवा बीमारी है। मूलतः असुरक्षित यौन संबंध बनाने से एड्स के जीवाणु शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। इस बीमारी का काफी देर बाद पता चलता है। रोगी भी एचआईवी टेस्ट के प्रति सजग नहीं रहते, इसलिए अन्य बीमारी का भ्रम बना रहता है। उन्होंने कहा कि बिना जाँच का खून किसी को देने से भी एचआईवी वायरस स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करता है। नशाखोरी करने वाले लोग भी एड्स से ग्रस्त हो सकते है। क्योंकि वे नशे के लिए एक दूसरे की सिरिंज का उपयोग करते है। इनमें कई एड्स पीडि़त हो सकते है। इस अवसर पर एड्स के संबंध में एक प्रश्नोत्तरी भी आयोजित की गई। प्रश्नोत्तरी के प्रतिभागी मोनिका, प्रोमिला, विजय चौहान, कृष्णा, प्रीति, रीना, आशा फुलमा, तुलना व मीरा को पुरस्कृत किया गया। स्वास्थ्य शिक्षिक मीना चौहान, आईसीटीसी परामर्शदाता कृतिका तोमर ने भी लोगों को एड्स की जानकारी प्रदान की। शिविर में लगभग 100 लोग उपस्थित रहे। कंडाघाट समग्र विकास समिति नामक स्वयंसेवी संस्था का शिविर के आयोजन में विशेष योगदान रहा।
