सोलन महाविद्यालय में खेलकूद गतिविधियों के माध्यम से छात्रों को दिया नशे से दूर रहने का संदेश
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सोलन में वीरवार को खेलकूद प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्रों को नशे से दूर रहने और इस दिशा में सदैव संकल्पबद्ध रहने के लिए प्रेरित किया गया। यह जानकारी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सोलन की प्रधानाचार्य डॉ. नीलम कौशिक ने दी। डॉ. कौशिक ने कहा कि महाविद्यालय परिसर में नशा निवारण कार्यक्रम के तहत वॉलीबाल, बास्केटबाल और क्रिकेट के मैच आयोजित किए गए। यह मैच महाविद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों के मध्य आयोजित हुए। इनका शुभारंभ डॉ. ओपी चौहान द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्रों को समझाया गया कि विभिन्न प्रकार के खेल जहां हमारे मानसिक एवं शारीरिक विकास में सहायक है वहीं इनके माध्यम से हम में अनुशासन, समर्पण एवं कर्तव्यनिष्ठा की भावना उत्पन्न होती है। छात्रों को बताया गया कि खेल हमें सकारात्मक दिशा में जाने के लिए प्रेरित करते है। जबकि नशा हमें क्षणिक उन्माद में बहाकर दीर्घ अवधि में डरपोक बनाता है। नशे का आदि व्यक्ति धीरे-धीरे अपने परिवार और समाज से कट जाता है। छात्रों से आग्रह किया गया कि वे सदैव नशे से दूर रहें और विभिन्न खेलों में भाग लेकर तथा प्रेरणादायी व्यक्तित्व की जीवनी पढ़कर अपना लक्ष्य प्राप्त करें। डॉ. कौशिक ने कहा कि इस अवसर पर छात्रों ने विभिन्न नारों के माध्यम से सभी को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हमारे सामने अनेक ऐसे मामले है जब खिलाड़ी भी अपने प्रदर्शन को अनावश्यक रूप से सुधारने के लिए प्रतिबंधित दवाओं को प्रयोग करते है। ऐसे सभी मामलों में जहां खिलाड़ी लंबे समय के लिए प्रतिबंधित कर दिए जाते हैं वहीं समाज में उनको तिरस्कार का सामना भी करना पड़ता है। ऐसे सभी उदाहरणों से हमें सीख लेने की आवश्यकता है। शिक्षकों ने छात्रों से आग्रह किया कि वे जीवन में सही मार्ग चुनें और अपने सभी साथियों को नशीली दवाओं से दूर रहकर सफल जीवन जीने के लिए प्रेरित करें। इस अवसर पर सभी ने नशे से दूर रहने की शपथ ली।
