कोरोना वारियर्स के तौर पर पहचान न मिलने से आयुर्वेदिक डॉक्टर खफा
हिमाचल आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी परिषद का एक प्रतिनिधिमंडल ने विशेष कार्य अधिकारी डॉक्टर के.के शर्मा की अध्यक्षता में प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मुलाकात की। यह जानकारी देते हुए परिषद के प्रदेश सचिव डॉ अश्विन शर्मा ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने सर्वप्रथम प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को कोरोना आपदा से बेहतरीन ढंग से निपटने हेतु बधाई दी तथा प्रदेश सरकार की सकारात्मक सोच का परिणाम बताया।
डॉक्टर के.के शर्मा विशेष कार्य अधिकारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि आयुर्वेद विभाग इस आपदा से निपटने के लिए प्रदेश सरकार के साथ खड़ा है तथा सरकार के दिशानिर्देशों का बखूबी पालन कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में आयुर्वेद विभाग द्वारा प्रदेश के प्रवेश द्वारों पर आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारियों एवं समस्त स्टाफ द्वारा तापमान रिकॉर्ड किया जा रहा है व इसके अलावा ए.सी.एस (एक्टिव केस फाइंडिंग) में घर-घर जाकर COVID का सर्वे किया जा रहा है। आयुर्वेद विभाग द्वारा प्रत्येक जिला में उपमंडल स्तर पर कोविड केयर सेंटर चलाए जा रहे हैं जिनमें विभाग के चिकित्सक, समस्त स्टाफ नर्स, एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दिन रात को विभाजित मरीजों के उपचार में लगे हैं। मरीजों को आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित काढ़ा पिलाया जा रहा है। अधिकारी ने बताया कि हैरानी की बात है कि आयुर्वेद कहीं भी किसी भी स्तर पर उल्लेख नहीं हुआ है।
इस पर मुख्यमंत्री ने बताया कि यह बात उनके संज्ञान में नहीं थी तथा भविष्य एवं आयुर्वेदिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों का पूरा ध्यान रखा जाएगा मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद विभाग कोविड ड्यूटी में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के नाम सरकार को प्रेषित करें। सरकार उन्हें स्वास्थ्य विभाग के समान पूर्व पूर्ण सम्मान प्रदान करेंगे विशेष कार्य अधिकारी ने बताया कि परिषद शीघ्र ही पदाधिकारियों सहित मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगी।
