मंत्री मार्कण्डेय के खिलाफ फूटा स्पीति की जनता का गुस्सा
जयराम सरकार में कृषि मंत्री डॉ रामलाल मार्कंडेय के खिलाफ एक बार फिर स्पिति की जनता का गुस्सा फूट गया। बीते दिनों स्पिति में मंत्री का रास्ता रोकने वालों पर एफआईआर हुई थी। अब स्पिति की यूथ कांग्रेस समेत अन्य संगठनों ने मोर्चा खोल दिया। स्पिति की महिला, युवा और व्यापार मंडलों ने मुख्यमंत्री, राज्यपाल और उपायुक्त लाहौल-स्पिति को ज्ञापन सौंप कर झूठे मुक़दमे और विभागीय जांच रद्ध करने की मांग की।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक 1207 परिवारों ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर इस मुहिम को दिया समर्थन है।
काज़ा महिला मंडल अध्यक्ष सोनम डोल्मा का कहना है कि “मंत्री के प्रवेश पर हुए स्थानीय विरोध को न जाने कितने रंग और चेहरे दिए जा रहे हैं। हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि 9 जून को हुआ विरोध स्पिति को कोरोना मुक्त बनाने की स्थानीय मुहिम के तहत था, व पूर्ण रूप से गैर-राजनैतिक था। हमारी इस मुहीम को एक राजनैतिक रंग देने की कोशिश की जा रही और कहा जा रहा है कि स्थानीय विरोध में एक पार्टी विशेष के नारे लगे जो सरासर झूठ हैं और इसका हम पुरजोर विरोध करते हैं जो कि हमने अपने ज्ञापन में भी स्पष्ट किया है।”
