दाड़लाघाट : राष्ट्रीय उच्चमार्ग 205 पर गड्ढों से जनता परेशान, खुद की मुरम्मत
सड़कें जहां आम नागरिकों की सुविधा रेखाएं हैं तो कई बार ऐसा घाव भी दे जाती है जिसकी पीड़ा ताउम्र उठानी पड़ती है। सड़कों पर आए दिन प्राकृतिक कारणों से दुर्घटनाएं होना एक अलग बात है, लेकिन यदि सड़कों की खस्ताहालत दुर्घटनाओं को आमंत्रण देती हो तो इसमें वाहन चालकों का क्या दोष। सड़कों की खस्ता हालत को सुधारने के सरकार के दावों में कितना दम है, यह दाड़ला से गुजरने वाले राष्ट्रीय उच्च मार्ग 205 पर सहज ही देख सकते हैं। यह सड़क कम दिखती है, गड्ढों का मकड़जाल अधिक दिखती है, गड्ढों से वाहन को निकालना अत्यंत जोखिम भरा है। इन गड्ढों की हालत इतनी भयावह है कि इनसे बचकर चलते-चलते भी कई लोग बड़े हादसे का शिकार हो चुके हैं। ऐसे ही गड्ढे चमाकडी पुल के नजदीक, छामला, अम्बुजा चौक, आईटीआई, नर्सरी झरना, बाघल होटल व चन्देल सर्विस सेंटर के मध्य वाहन चालकों को हादसे का शिकार बनाते रहते हैं व इन स्थानों पर हर समय हादसों का अंदेशा बना रहता है। स्थानीय लोगों में मदन शर्मा, दीपक ठाकुर, कमल ठाकुर, विनोद शर्मा ने कहा कि हैरानी की बात है कि आजकल मंत्री गण तथा बड़े बड़े अधिकारी इसी मार्ग से गुजरते रहते हैं लेकिन न मंत्रियों न अधिकारियों को सड़क की बदतर हालत की कोई परवाह है और न ही आम नागरिकों की कोई परवाह है। मदन शर्मा, दीपक ठाकुर, कमल ठाकुर व विनोद शर्मा ने इन गड्ढों को देखा तो उनसे रहा नही गया और सड़क पर गहरे गड्ढों को भरने निकल पड़े, इन्होंने दाड़लाघाट अम्बुजा चौक व आईटीआई के पास सहित अन्य स्थानों पर पड़े खतरनाक गड्ढे को पथरों से भर दिया, ताकि कोई बड़ा वाहन या दोपहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त न हो सके। इन लोगों के अनुसार जब सरकार ने इस तरफ कोई ध्यान नही दिया तो उन्होंने इस काम को अंजाम दिया जिसकी सभी लोग प्रशंसा कर रहे हैं।
