अर्की तथा नालागढ़ में 324 छात्र किए गए नशे के विरूद्ध जागरूक
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा नशा निवारण अभियान के अन्तर्गत चिकित्सा खंड अर्की तथा नालागढ़ में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। यह जानकारी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के एक प्रवक्ता ने दी। उन्होंने कहा कि चिकित्सा खंड अर्की के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भूमती में 24 तथा चिकित्सा खंड नालागढ़ के अन्तर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रामशहर में 300 प्रतिभागियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में अवगत करवाया गया। उन्होंने कहा कि इन जागरूकता कार्यक्रमों में छात्रों को नशे से होने वाली हानियों के बारे में अवगत करवाया गया। उन्होंने कहा कि छात्रों को बताया गया कि नशे का बढ़ता प्रचलन हमारे देश के लिए बड़ी चुनौती है तथा इस चुनौती का सामना करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को एक साथ मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन नशे के प्रति बेहद संवेदनशील है तथा नशा उन्मूलन के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे है लेकिन सरकार का कोई भी प्रयास जन सहभागिता के बिना अधूरा है। प्रवक्ता ने कहा कि जागरूकता कार्यक्रमों में छात्रों को बताया गया कि वे स्वयं भी नशा न करें तथा औरों को भी नशे न करने के लिए प्रेरित करें। नशे के विरूद्ध जीरो टोलरेंस की नीति अपनाते हुए जिला पुलिस बद्दी ने क्षेत्र की विभिन्न दवा विक्रेताओं की दुकानों एवं प्रयोगशालाओं का औचक निरीक्षण किया। इस अवसर पर क्षेत्र के दवा निरीक्षक भी पुलिस टीम के साथ रहे। इस दौरान दुकानों एवं प्रयोगशालाओं में प्रतिबंधित दवाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। नशा निवारण अभियान के अंतर्गत नालागढ़ के गुरु नानक पब्लिक स्कूल में युवा सेवाएं एवं खेल विभाग द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपमंडलाधिकारी नालागढ़ प्रशांत देष्टा छात्र-छात्राओं को जीवन में कभी भी नशा न करने के की शपथ दिलवाई। नालागढ़ उपमंडल की विभिन्न पंचायतों में भी नशे के विरूद्ध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा आशा कार्यकर्ताओं द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में नशे के दुष्प्रभावों के विषय में प्रचार सामग्री वितरित की गई तथा लोगों को नशे का सेवन न करने के लिए प्रेरित किया गया।
