नेपाल से मजदूराें के आने पर सस्पेंस, एप्पल बेल्ट शिमला काे चाहिए एक लाख लेबर, अभी हैं 40 हजार
सेब उत्पादक राज्य हिमाचल काे इस बार नेपाली मजदूराें का संकट आ चुका है। हर साल नेपाली मजदूराें पर निर्भर रहने वाले हिमाचल के सेब बागवानाें काे मजदूराें के संकट से गुजरना पड़ेगा। हालांकि इन दिनों जिला शिमला में सेब सीजन शुरु हाे चुका है, लेकिन सितम्बर माह से जिला किन्नौर समेत कुल्लू में भी सीजन स्टार्ट हाेगा। बताया गया की जाे नेपाली मजदूर लाॅकडाउन से पहले हिमाचल में फंसे रहे उन्हीं से ही इस बार काम चलाना पड़ सकता है। यहां तक कि बीते दिनाें मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने दावा किया था की सेब सीजन के समय मजदूराें की काेई दिक्कतें नहीं आएगी, मगर यहां हालात यह है की जिला शिमला में कम से कम 95 हजार से एक लाख तक मजदूराें की आवश्यकता रहती है। वर्तमान में जिला में मात्र 40 हजार लेबर हैं जिसमे सिरमौर, चंबा और नेपाल के मजदूर शामिल हैं। बड़े बागवान स्वयं ही दूसरे राज्याें से मजदूर आ रहे हैं, लेकिन दिक्कत छाेटे बागवानाें काे आ रही है। नेपाल से मजदूर न आने की स्तिथि में प्रदेश सरकार अपने स्तर पर आठ से 10 हजार अतिरिक्त मजदूराें का इंतजाम करेगी।
जिन जिलों में सीजन खत्म, ताे दूसरे जिले में शिफ्ट होगी लेबर
नेपाल से मजदूराें के न आ पाने की स्थिति काे देखते हुए राज्य सरकार ने दूसरा विकल्प भी तैयार कर दिया है। सरकार और बागवानी विभाग द्वारा तैयार प्लान के मुताबिक जिन जिलों में सेब सीजन समाप्त हाेगा, वहां की लेबर दूसरे जिलों में शिफ्ट हाेगी। यानि शिमला के बाद जिला किन्नौर में शुरु हाेने वाले सेब सीजन के लिए जिला शिमला से सभी मजदूर रवाना किए जाएंगे।
बागवानी विभाग ने डीसी शिमला और किन्नौर से मांगी डिटेल
राज्य बागवानी विभाग ने डीसी शिमला और किन्नौर से मजदूराें की पूरी डिटेल मांगी है। भले ही किन्नौर में अभी सेब सीजन शुरु नहीं हुआ हाे, मगर मजदूराें का इंतजाम करना पड़ेगा। कारण यह भी है कि किन्नौर की भाैगाेलिक परस्थिति जिला शिमला से हट कर है। सेब की पेटियाें काे सड़क पर पहुंचाने के लिए कम से कम 90 हजार मजदूराें की आवश्यकता रहती है।
सरकार और विभाग पूरी काेशिश में हैं कि नेपाल से हजाराें मजदूर आए, लेकिन उम्मीद कम है। ऐसी परस्थिति काे देखते हुए जिन जिलों में सेब सीजन समाप्त हाे जाएंगे वहां से मजदूराें काे दूसरे जिलों में शिफ्ट किए जाएंगे। काेराेना जैसी महामारी के चलते इस बार ऐसी दिक्क़ते आ रही है। अभी तक जिला शिमला में 40 हजार के करीब लेबर हैं, आने वाले दिनों में आठ से दस हजार अतिरिक्त लेबर पहुंच जाएगी।
-अमिताभ अवस्थी, सचिव बागवानी।
