शिमला: प्रदेश में 552 करोड़ से बनेंगी 45 नई सड़कें
हिमाचल की लाइफ लाइन कही जाने वाली सड़कों पर एक बड़ा बजट खर्च किया जा रहा है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि सभी को सड़क सुविधा मिल सके। इसी दिशा में प्रयास भी किए जा रहे हैं। इस बारे में लोनिवि के प्रमुख अभियंता अजय गुप्ता ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत प्रदेश भर के सात जिलों के 15 ब्लाकों में सड़कें बनाई जानी हैं, जिससे हजारों लोगों को फायदा होगा। हिमाचल प्रदेश में 552 करोड़ रुपए से 45 नई सड़कें बनाई जाएंगी। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को इसका प्रस्ताव भेजा था। प्रस्ताव पर केंद्र ने अपनी सहमति जताई है। अगले महीने तक इसकी अंतिम मंजूरी भी मिल जाएगी। इन सड़कों की लंबाई 440 किलोमीटर है। सिरमौर और चंबा जिले में सड़क निर्माण के लिए सबसे ज्यादा तीन-तीन ब्लाक शामिल किए हैं। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के प्रमुख अभियंता अजय गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत प्रदेश भर के सात जिलों के 15 ब्लाकों में ये सड़कें बनाई जानी हैं, जिससे हजारों लोगों को फायदा होगा। लोनिवि ने फेज-तीन के तहत यह पहली शेल्फ केंद्रीय मंत्रालय को भेजी है। प्रदेश में 3615 पंचायतें हैं। इनमें से 3556 पंचायतों को सड़क सुविधा से जोड़ा जा चुका है। शेष 59 पंचायतों में से 20 पंचायतों को इसी साल सड़कों से जोड़ा जाना है। प्रदेश में 250 लोगों की आबादी वाले गांवों को भी सड़क सुविधा मुहैया कराई गई है, लेकिन कई गांव ऐसे भी है जिनकी आबादी इससे भी कम है। ऐसे में प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत इन गांवों को भी सड़कों से जोडऩे का प्रस्ताव तैयार किया है। ये सड़कें चंबा के भटियात, तीसा, पांगी, कांगड़ा के पंचरूखी, मंडी के सिराज और धर्मपुर, सिरमौर के पच्छाद, राजगढ़ और संगड़ाह, किन्नौर के कल्पा और पूह, कुल्लू के निरमंड और नग्गर, लाहौल-स्पीति के स्पीति और शिमला के छुवारा में बनाई जाएंगी।
