डाक विभाग की पहल, हिमाचल के पहाड़ों में ड्रोन को मिली 'डाकिए की नौकरी', 20 KM तक पांच मिनट में पहुंचा रहा चिट्ठियां
भारत में डाक और लॉजिस्टिक सेवा का इतिहास सदियों पुराना है एक समय था, जब डाकिया पैदल या साइकिल से मीलों का सफर तय कर गांवों तक चिट्ठियां और जरूरी दस्तावेज पहुंचाता था, लेकिन बदलते भारत में तकनीक ने इस पारंपरिक व्यवस्था को भी पंख दे दिए हैं. देश के सबसे बड़े सार्वजनिक डाक नेटवर्क इंडिया पोस्ट और टेक्नोलॉजी आधारित ड्रोन कंपनी Sky Air के सहयोग से शुरू हुई ड्रोन डिलीवरी व्यवस्था अब हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में डाक पहुंचाने के तरीके को बदल रही है.
हिमाचल प्रदेश के मंडी के रेहड़धार से सबसे पहले 12 जून 2026 से ड्रोन के माध्यम से डाक सेवा शुरू की गई थी. मंडी में शुरू हुई इस ड्रोन डाक सेवा का लगातार विस्तार किया जा रहा है. 17 अगस्त 2026 को इस नेटवर्क में चार और शाखा डाकघरों को जोड़ा गया. ये जानकारी मंडी पोस्ट ऑफिस के सीनियर सुपरिटेंडेंट संजय ने दी.
संजय ने कहा कि 'मंडी मुख्य डाकघर मंडी से रेहड़धार, पधियूं, जोगिंद्रनगर, ब्यू, रंधाडा, अलाथू, टिल्ली, मझवाड़ तक ड्रोन डाक लेकर उड़ान भर रहे हैं, इन सभी स्थानों की दूरी मंडी हेड पोस्ट ऑफिस से 9 से 15 किलोमीटर के बीच है. पहले इन इलाकों तक सड़क मार्ग से पहुंचने में दो से तीन घंटे लग जाते थे, वहीं ड्रोन अब इन स्थानों तक महज 5 से 10 मिनट में डाक पहुंचा रहा है, सुबह 9 से 10 बजे के बीच मंडी से संबंधित शाखा डाकघरों के लिए रोजाना ड्रोन के माध्यम से 7 से 10 किलो ग्राम डाक भेजी जाती है, जिनके माध्यम से विभिन्न शाखा डाकघरों तक डाक पहुंचाई जा रही है. इसके अतिरिक्त मंडी डिवीजन के केलांग को भी जल्द ही ड्रोन व्यवस्था से जोड़ा जाएगा.'
खास बात यह है कि ड्रोन से ब्रांच ऑफिस तक पहुंचने वाली डाक का वितरण भी उसी दिन कर दिया जाता है. इससे लोगों को डाक और जरूरी सेवाओं के लिए पहले की तुलना में काफी कम इंतजार करना पड़ रहा है. हालांकि बरसात के दौरान खराब मौसम के चलते यह सेवा दो से तीन दिन तक प्रभावित हुई है. मौसम की स्थिति को देखते हुए ड्रोन की उड़ान का समय भी बदला जाता है. इसके बावजूद पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों तक डाक पहुंचाने की दिशा में ड्रोन डाक सेवा तकनीक के इस्तेमाल की एक नई पहल साबित हो रही है.
Sky Air संस्थान के मुख्य कार्यालय गुरुग्राम से मैनेजमेंट सदस्य सुभाष दुबे ने बताया कि 'ड्रोन की रेंज करीब 15 से 20 किलोमीटर तक है, हिमाचल प्रदेश में ड्रोन आधारित डाक सेवा के नेटवर्क को लगातार मजबूत किया जा रहा है. वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में 15 ड्रोन संचालित किए जा रहे हैं, जबकि ड्रोन सेवा से करीब 110 डाकघरों को जोड़ा गया है.
इस ड्रोन की सबसे बड़ी खासियत इसका फिजिकल एआई और मशीन लर्निंग से लैस होना है तेज हवाओं, घने बादलों और अचानक बदलते मौसम का ये रियल टाइम में आकलन कर सकता है. जरूरत पड़ने पर ड्रोन अपना रूट खुद बदलने में सक्षम है. यही तकनीक इसे हिमाचल जैसे दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए खास बनाती है. ड्रोन माइनस 10 से 50 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में काम करने में सक्षम है.
यानी पहाड़ों की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में ड्रोन डाक सेवा न सिर्फ समय और दूरी को कम कर रही है. बल्कि दूरदराज के क्षेत्रों तक तेज और आधुनिक डाक सुविधा पहुंचाने की दिशा में एक नई मिसाल भी पेश कर रही है. तकनीक के इस इस्तेमाल से आने वाले समय में हिमाचल के और भी दुर्गम इलाकों तक डाक सेवा को पहुंचाना आसान हो सकता है.
