हिमाचल में सबसे बड़ा बैंक घोटाला, कर्मचारी ने ही गबन किए करोड़ों रुपए
को-आपरेटिव बैंक नौहराधार में फर्जीबाड़ा करके गबन का एक बड़ा मामला सामने आया है। नौहराधार में तैनात सहायक प्रबंधक ने लोगों के बैंक खातों से लगभग चार करोड़ की राशि का गबन किया है। जांच अभी भी जारी है और गबन की राशि और अधिक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। बैंक में गबन के मामले का पता चलते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। बता दे की भारी संख्या में लोग अपनी एफडी की रसीद लेकर बैंक पहुंच रहे है। बैंक में लोगों की भारी भीड़ जुट रही है। लोग अपनी एफडी व खाते चैक करवा रहे है। कई लोगों के एफडी खाते से लाखों रुपए का गबन हुआ है और कईयों के खातों में जीरो बैलेंस हो गया है। जिला प्रबंधक खुद मामले की जांच करने नाहन से नौहराधार पहुंचे है। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि है कि जिन लोगों के खाते से पैसा निकाला गया है उन्हें बैंक ब्याज सहित पूरी राशि मिलेगीं। बैंक के अधिकारियों की और से पुलिस में मामला दर्ज करवा दिया है। बैंक की और से पुलिस को अभी लगभग चार करोड़ की राशि के गबन होने की जानकारी प्रदान की गई है। मामले की छानबीन अभी भी जारी है और ऐसा माना जा रहा है की गबन की राशि चार करोड़ से कही अधिक हो सकती है। प्रदेश में यह आज तक का सबसे बड़ा बैंक ज घोटाला हो सकता है, जहां बैंक के राज्य व जिला के कर्मी जांच में लगे है।
पुलिस थाना संगड़ाह के डीएसपी मुकेश कुमार डडवाल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि संगड़ाह व नौहराधार से पुलिस की टीम मामले की छानबीन में जुटी है। बैंक के शाखा प्रबंधक ने पुलिस को जानकारी दी है कि अभी तक किए गए निरीक्षण में से करीब चार करोड़ रुपए का गबन हुआ है। बैंक अभी ऑडिट कर रही है राशि बढ़ भी सकती है। पुलिस भी मामले की छानबीन कर रही है। को-आपरेटिव बैंक के जिला प्रबंधक दर्शन पांडे ने बताया कि तीन अगस्त को बैंक में गड़बड़ी की सूचना मिल गई थी। आठ अगस्त को मामला पूरी तरह संज्ञान में आया। बाद जांच शुरू की गई और मामला पुलिस में दर्ज करवा गया है। जिला प्रबंध ने बताया कि बैंक के ही एक अधिकारी ने जाली खाते बना कर लगभग चार करोड़ का गबन किया है। छानबीन जारी है और गबन की राशि और अधिक बढ़ सकती है। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि बैंक जमा लोगों का पैसा नहीं डूबेगा।
