हिमाचल प्रदेश में HRTC कर्मचारियों द्वारा 25 जून से प्रस्तावित हड़ताल को लेकर प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए निगम की सेवाओं को आवश्यक सेवा घोषित कर दिया है। सरकार ने तत्काल प्रभाव से 'एस्मा' (Essential Services Maintenance Act) लागू कर दिया है, जिसके तहत HRTC कर्मियों की हड़ताल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आदेशों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
सरकार का कहना है कि प्रदेशभर में लाखों यात्रियों की सुविधा को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बाधित नहीं होने दिया जाएगा। इसी उद्देश्य से HRTC प्रबंधन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर अस्थायी ड्राइवरों की भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। निगम ने रिकॉर्ड समय में भर्ती नीति तैयार करते हुए राज्य के सभी क्षेत्रीय प्रबंधक (RM) कार्यालयों में 24 जून को दोपहर 12 बजे से वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित करने का निर्णय लिया है।
इस भर्ती अभियान के तहत प्रदेश के 31 डिपो के लिए लगभग 656 अस्थायी ड्राइवरों की नियुक्ति की जाएगी। भर्ती के लिए अभ्यर्थियों के पास मैट्रिक उत्तीर्ण प्रमाणपत्र, वैध HTV/HMV ड्राइविंग लाइसेंस तथा भारी वाहन चलाने का कम से कम तीन वर्ष का अनुभव होना अनिवार्य रखा गया है।
सरकार और HRTC कर्मचारी यूनियनों के बीच लंबित वित्तीय देयों को लेकर जारी विवाद के बीच यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि इन व्यवस्थाओं के माध्यम से बस सेवाओं को सुचारू बनाए रखा जाएगा और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। वहीं, कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर प्रदेश में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी गतिविधियां तेज हो गई हैं।