साेलन : पाइनग्रोव स्कूल धर्मपुर में वार्षिक उत्सव-2022 के पहले दिन बच्चाें ने दी रंगारंग प्रस्तुतियां
फर्स्ट वर्डिक्ट। साेलन
पाइनग्रोव स्कूल धर्मपुर अपना दो दिवसीय, 31वां वार्षिक उत्सव 20 व 21 अक्तूबर को मना रहा है। वार्षिक उत्सव-2022 के पहले दिन के कार्यक्रमों की सभी प्रस्तुतियां अति सुंदर, रचनात्मक, मनमोहक, साहसिक, अनुशासनात्मक एवं प्रेरणात्मक रहीं। आज प्रातः कालीन शो में मिस्टर भरत खेड़ा, आईएएस, जो कि हिमाचल प्रदेश सरकार में लोक निर्माण एवं सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान गृह सचिव मुख्यातिथि रहे। विद्यालय आने पर बिगुल की धुन, स्वागतम ट्यून पर उनका स्वागत किया गया। संयुक्त राज्य अमेरिका के विल्सन स्थित सैली बी हॉवर्ड सीनियर स्कूल के प्रिंसिपल मिस्टर रॉबर्ट ग्लैन रीव्स मुख्यातिथि रहे। उनके साथ बोर्ड ऑफ़ मेम्बर मिस गैरी ड्यू, एक्सचेंज प्रोग्राम ‘कल्चरल ब्रिजिज़’ के सदस्य मिस्टर रॉबर्ट गाईमन, सैली बी हॉवर्ड स्कूल के अस्सिस्टेंट डायरेक्टर संदीप अग्रवाल भी गैस्ट ऑफ़ ऑनर के रूप में उपस्थित रहे। मुख्यातिथि मिस्टर भरत खेड़ा विद्यालय पहुंचने पर सर्वप्रथम विद्यार्थियों द्वारा निर्मित कला एवं शिल्प कला, सॉफ्ट टॉयज आर्ट, स्टिचिंग, फोटोग्राफी, रोबोटिक्स तथा अन्य प्रदर्शनियां दिखाई गई।
विद्यार्थियों द्वारा बनाई सभी सामग्रियों को मुख्यातिथि द्वारा ख़ूब सराहा गया। विद्यार्थियों के रोबोटिक्स वर्क को उन्होंने अतीव आधुनिक एप्रोच कहा। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को आधुनिकतम बदलावों से अवगत रखना एवं इनके विषय में उन्हें शिक्षित करने का यह अत्युत्तम एवं उत्कृष्ट उदाहरण है। स्टिचिंग में विद्यार्थियों द्वारा अनेक, खासकर वर्तमान चलन के डिजाइन्स वाली टी शर्ट्स को खूब पसंद किया। कला एवं शिल्पकला को निहारते हुई उनके मुंह से स्वतः निकल पड़ा कि वो किसी स्कूल में हैं या किसी आर्ट कॉलेज में। शिल्पकारी का ऐसा अत्युत्तम नमूना उन्होंने किसी और विद्यालय में नहीं देखा। विद्यालय के नवनिर्मित ‘संत सिंह ज्ञानी मैमोरियल स्पोर्ट्स सेंटर’ देखकर मुख्यातिथि ने अपनी 2002 की, तत्कालीन डीसी सोलन के रूप में विद्यालय आनें की यादें साझा कीं। उन्होंने अपने अभिभाषण में कहा कि कैप्टन ए जे सिंह ने उस समय जो अक्षय उनसे साझा किए थी, वे आज सभी चरितार्थ दृष्टिगोचर हो रहे हैं।
विद्यार्थियों की अनेकानेक प्रस्तुतियों को देखकर उन्होंने चुटकी ली कि ऐसा कोई कार्य, ऐसी कोई कला है, जो पाइनग्रोव के विद्यार्थियों से छूटी है? 20 अक्तूबर के इस प्रातःकालीन रंगमंचीय कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा सिम्फनी ओर्केस्ट्रा, एवरेस्ट बेस केम्प एक्सपिडिशन, स्कूल वार्षिक रिपोर्ट, भारतीय संगीत के अथाह भंडार से मोती स्वरुप निकला शांति राग ‘किरवानी’ का धीमी व तेज़ ताल में वादन तथा रसिया और तराना बंदिशें, मराठा सम्राट छत्रपति शिवाजी के जीवन व विलक्षण सूझबूझ पर आधारित स्कूल प्ले 'खिचड़ी', भारतीय सैनिकों के जीवन व् ज़ज्बे को बयान करती, अनेकानेक साहसिक जाबांजीय करतबों वाली, अद्भुत नृत्य नाटिका तथा अनेक अन्य प्रस्तुतियां दी गई।
