क्रिप्टो फ्रॉड मामला: 2300 करोड़ का ट्रांजेक्शन, 400 करोड़ की देनदारियां : डीजीपी
-2.5 लाख आईडी के जरिए 1 लाख लोगों ने क्रिप्टो में लगाए पैसे
-मामले में 1 करोड़ की संपत्ति फ्रीज, 5 करोड़ की जल्द की जाएगी
पंकज सिंगटा/शिमला।
हिमाचल प्रदेश में बहुचर्चित क्रिप्टो फ्रॉड मामले में रोज़ाना नए खुलासे हो रहे हैं। इस फ्रॉड में कुल 2300 करोड़ का ट्रांजेक्शन हुआ है और 400 करोड़ की देनदारियां बाकी हंै। जांच में खुलासा हुआ कि प्रदेश और प्रदेश के बाहर 2.5 लाख आईडी के जरिए करीब 1 लाख लोगों ने क्रिप्टो पर निवेश किया है। क्रिप्टो फ्रॉड की जांच के लिए डीआईजी नॉर्थन रेंज अभिषेक दुलर की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया है, एसआईटी रोजाना नए तथ्य सामने ला रही है।
हर वर्ष की भांति आयोजित स्मृति दिवस के कार्यक्रम के उपरांत डीजीपी संजय कुंडू ने मीडिया से रूबरू होते हुए जानकारी दी कि 21 अक्टूबर को हर वर्ष स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है और पिछले 1 वर्ष में शहीद हुए सभी शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है। डीजीपी ने क्रिप्टो फ्रॉड से जुड़ी जानकारी भी साझा की और बताया कि क्रिप्टो फ्रॉड में 1 लाख लोगों ने 2.5 लाख आईडी के जरिए 2300 करोड़ की ट्रांजेक्शन की है, जिसमें अभी 400 करोड़ की देनदारियां बाकी हंै।
बीती रात पुलिस ने मामले से जुड़ी 1 करोड़ की संपत्ति फ्रीज की है और जल्द ही 5 करोड़ की अन्य संपत्ति भी फ्रीज की जाएगी। डीजीपी ने बताया कि अभी तक एसआईटी द्वारा 2 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है और अन्य संदिग्ध लोगों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। दोनों गिरफ्तार अभियुक्त कस्टडी में है और उनसे पूछताछ की जा रही है। एसआईटी द्वारा लगातार विभिन्न ठिकानों पर दबिश भी दी जा रही है।
निवेशकों और निवेश करवाने वाले को डीजीपी की दो टूक
निवेश करने वाले लोगों को लेकर डीजीपी ने कहा कि इस तरह की फर्जी स्कीमों में निवेश नहीं करना चाहिए। केंद्र सरकार की 2019 की गाइडलाइन के अनुसार कोई भी संस्था जो बैंक या इससे संबंधित संस्थान नहीं है, वे डिपॉजिट नहीं ले सकता, ऐसा करना गैर कानूनी है। उन्होंने फर्जी स्कीम में निवेश करवाने वाले लोगों को दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि समय रहते संभल जाए अन्यथा सख्त कार्यवाही के लिए तैयार रहे।
मालखाने से 33 किलो चरस गायब होने पर क्या कहा...
बीते दिनों पुलिस मालखाने से 33 किलो ग्राम चरस गायब होने का मामला सामने आया था। इसे लेकर उच्च न्यायालय की ओर से जांच के आदेश जारी किए गए थे। इस विषय पर डीजीपी संजय कुंडू ने कहा कि न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस प्रशासन ने इस मामले में जांच बिठा दी है और जल्द ही मामले की तह तक पहुंचा जाएगा।
