दाड़लाघाट में चार सालों से तैयार 30 बेड के सीएचसी अस्पताल को शुरू होने का इंतजार
दाड़लाघाट में चार सालों से तैयार 30 बेड के सीएचसी अस्पताल को शुरू होने का इंतजार है। चार साल पूर्व में सीएचसी अस्पताल भवन बनकर तैयार हो चुका है व रंगाई पुताई का काम भी पूरा है, लेकिन अंदर की साज सज्जा अभी पूरी नहीं हुई है। इसके अलावा सीएचसी अस्पताल के लिए बैड समेत जरूरी सामान की खरीदारी नहीं हुई है। करीब 2 करोड़ 87 लाख 56 हजार की लागत से बनेे सीएचसी अस्पताल को संचालित होने में हो रही देर को लेकर स्थानीय लोगों में गुस्सा भी है। सभी इस उम्मीद में हैं कि सीएचसी अस्पताल समय से संचालित होगा तो स्थानीय लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी। कांग्रेस सरकार के समय अस्पताल बनना शुरू हुआ था व प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद निर्माण कार्य एक साल के भीतर बनकर तैयार हो चुका है। लेकिन प्रदेश सरकार इस भवन के उद्घाटन में देरी कर रही है। जबकि जरूरी संसाधनों की खरीदारी अभी नहीं हुई है। सीएचसी स्टाफ पैटर्न के अनुरूप केंद्र में चार डॉक्टर, एक दंत चिकित्सक, चार स्टाफ नर्स, दो फार्मासिस्ट, एक लैब टेक्नीशियन, आई टेक्नीशियन, एक मिड वाइफ नियुक्त किए जाएंगे। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के पास अभी तक सीएचसी स्टाफ की नियुक्ति को लेकर सरकार से कोई अधिसूचना नहीं पहुंची है लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि कम से कम ईएसआई का स्टाफ तो यहां बैठेगा।
सरकार भवन को शुरू करने में ध्यान नहीं दे रही:-
स्थानीय लोगों का कहना है कि सीएचसी अस्तपाल को शुरू किया जाए ताकि जनता को हो रही परेशानी दूर हो सके। लोगो मे समाजसेवक अनिल गुप्ता, जगदीश ठाकुर, सुरेन्द्र वर्मा, तिलक राज, अरुण, कमलकांत, हंसराज, पदमदेव, लालचंद, मनोज गौतम, जयसिंह ठाकुर, दीपक गजपति, प्रेम केशव, लाला शंकर, मोहन सिंह ठाकुर ने कहा कि सीएचसी भवन का निर्माण कार्य हुए काफी समय हो चूका है लेकिन सरकार भवन को शुरू करने में ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने मांग की है कि सीएचसी भवन को जल्द शुरू कर लोगो को सुविधा प्रदान की जाए। स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से यह आग्रह किया है कि जल्द से इस नए भवन को जनता को समर्पित किया जाए ताकि लोग बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
25 पंचायतों के साथ लगते इस क्षेत्र में करीब 30 हजार से अधिक की आबादी:-
25 पंचायतों का केन्द्र बिंदु व दो सीमेंट के बड़े उद्योग की आबादी वाले इस क्षेत्र में पीड़ितों को इलाज के अभाव में इधर-उधर भटकना पड़ता है।इससे समय के साथ उनका धन तो बर्बाद होता ही है, अक्सर वक्त पर इलाज न मिल पाने से जान भी चली जाती है। 25 पंचायतों के साथ लगते इस क्षेत्र में करीब 30 हजार से अधिक की आबादी के लिए ईएसआई अस्तपाल है। इसमे तैनात एक मात्र चिकित्सक के कंधों पर लंबे समय से इतनी बड़ी आबादी की स्वास्थ्य व्यवस्था हांकी जा रही है। अगर वास्तव में चल रहे जो ईएसआई अस्पताल दाड़लाघाट के आंकड़ों पर गौर करें तो प्रतिदिन यहां 150-200 के बीच ओपीडी रहती है। इनमें से 50 फीसदी से कम मरीजों का ही यहां इलाज हो पाता है। इससे ज्यादा लोगों को इलाज के लिए अर्की, शिमला या सोलन जाना पड़ता है। स्थानीय लोगों की मानें तो सीएचसी की बिल्डिंग काफी समय पहले ही बनकर तैयार हो गई, लेकिन संसाधन और स्टाफ अब तक नहीं जुटाया जा सका है। लिहाजा लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। 30 बेड वाले इस स्वास्थ्य केंद्र से जिला परिषद वार्ड दाड़ला और धुंधन की 29 पंचायतों की लगभग 30 हजार से अधिक की आबादी के अलावा बिलासपुर सदर और शिमला ग्रामीण की साथ लगती कुछ पंचायतों के लोग भी लाभान्वित होंगे।
