ढलियारा: गवर्नमेंट कॉलेज में अभिभावक-शिक्षक बैठक का हुआ आयोजन
गवर्नमेंट कॉलेज ढलियारा के बी.वॉक विभाग में शुक्रवार को अभिभावक-शिक्षक बैठक का सफल आयोजन हुआ। इस अवसर पर लगभग 70 से 80 अभिभावकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अंजू रानी चौहान, नोडल अधिकारी प्रोफेसर कंचन रनौत, प्रो. बृजेश्वर रनौत, प्रो. संजीव जसवाल, सहित सभी संकाय सदस्य एवं बी.वॉक हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म तथा रिटेल मैनेजमेंट विभाग के व्यावसायिक प्रशिक्षक मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण से हुई, जिसके उपरांत विभिन्न विभागों के शिक्षकों ने अभिभावकों के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत किए। हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म विभाग की ओर से आशीष देव ने विद्यार्थियों की ऑन द जॉब ट्रेनिंग के दौरान हुए अनुभवों एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण पर चर्चा की। इसके पश्चात नितेश कुमार ने छात्रों के सर्वांगीण विकास में अभिभावकों और छात्रों के समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया और हॉस्पिटैलिटी उद्योग के सभी पहलुओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इसी क्रम में प्रशोतम, व्यावसायिक प्रशिक्षक (हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म), ने प्लेसमेंट ड्राइविंग और विद्यार्थियों के भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार रखे।
रिटेल मैनेजमेंट विभाग की ओर से अनिल, व्यावसायिक प्रशिक्षक, ने रिटेल क्षेत्र का परिचय तथा विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की। इसके साथ प्रियंकुर मस्ताना ने विद्यार्थियों की शिक्षा यात्रा पर अपने विचार रखते हुए देश की कार्यसंस्कृति को समझने और अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। राकेश, व्यावसायिक प्रशिक्षक (रिटेल मैनेजमेंट), ने रिटेल सेक्टर की संभावनाओं, विकास योजनाओं एवं ऑन द जॉब ट्रेनिंग की रूपरेखा पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर प्रोफेसर बृजेश्वर रनौत ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि बी.वॉक डिग्री किसी भी अन्य पारंपरिक स्नातक डिग्री के समान ही मान्य है। प्रोफेसर संजीव जसवाल ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आने वाला समय व्यावसायिक शिक्षा का है, जो विद्यार्थियों को व्यवहारिक ज्ञान देकर उद्योगोन्मुख बनाएगी। नोडल अधिकारी प्रोफेसर कंचन रनौत ने अभिभावकों से व्यक्तिगत संवाद किया और बी.वॉक हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म तथा रिटेल मैनेजमेंट दोनों विभागों के सीखने की संभावनाओं, उद्योग से जुड़ाव और करियर विकास के विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। प्राचार्य डॉ. अंजू रानी चौहान ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से दूर रखें। कार्यक्रम का समापन नोडल अधिकारी प्रोफेसर कंचन रनौत के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।
