IGMC-चमियाणा में फॉलोअप फीस से मरीजों पर बढ़ा बोझ
शिमला: राजधानी शिमला के IGMC और अटल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाणा में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को फॉलोअप के दौरान फीस चुकानी पड़ रही है। बार-बार जांच और डॉक्टर से परामर्श के लिए अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों का कहना है कि इन शुल्कों से उनके इलाज का खर्च बढ़ रहा है।
आईजीएमसी में ओपीडी पंजीकरण के लिए 10 रुपये शुल्क लागू किया गया है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यह पर्ची 14 दिनों तक वैध रहती है। वहीं, चमियाणा अस्पताल में भी ओपीडी पर्ची के लिए पंजीकरण शुल्क लिया जा रहा है।
सरकारी अस्पतालों में मरीजों से लिए जा रहे यूजर चार्ज को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। प्रदेश के कई सरकारी अस्पतालों में ओपीडी पर्ची के लिए 10 रुपये का शुल्क निर्धारित है, जिसमें शिमला का IGMC और चमियाणा भी शामिल हैं।
इसके अलावा IGMC में रोगी कल्याण समिति की बैठकों के बाद कुछ जांच और अन्य सेवाओं के शुल्क में भी बदलाव किया गया है। स्पेशल वार्ड और विभिन्न जांचों की दरों में बढ़ोतरी की जानकारी भी सामने आई है।
मरीजों का कहना है कि गंभीर बीमारियों में एक ही मरीज को कई बार अस्पताल आना पड़ता है। ऐसे में पर्ची, जांच और अन्य शुल्क मिलाकर इलाज का कुल खर्च बढ़ जाता है। मरीजों ने अस्पताल प्रशासन और सरकार से फॉलोअप मरीजों के लिए शुल्क में राहत देने की मांग की है।
वहीं, अस्पताल प्रबंधन का तर्क है कि ओपीडी पंजीकरण शुल्क व्यवस्था को व्यवस्थित करने और अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लागू किया गया है।
