सार्वजनिक शौचालयों में महिलाओं से पैसे वसूलने पर हाईकोर्ट सख्त
**महिलाओं को दे मुफ्त शौच सुविधा
**कोर्ट ने दिए आदेश
कोर्ट के आदेशों के बावजूद भी महिलाओं से शौच के लिए पांच रुपए का शुल्क लिया जा रहा है। प्रदेश हाई कोर्ट ने महिलाओं को मुफ्त शौचालय सुविधा सुनिश्चित करने हेतु नगर निगम शिमला व सुलभ इंटरनेशनल सोशल आर्गेनाइजेशन को जरूरी निर्देश जारी किए हैं। अब यदि महिलाओं से शौच के लिए शुल्क वसूला गया तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। कोर्ट ने इस बाबत दो सप्ताह का समय दिया है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान व न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की खंडपीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई के पश्चात नगर निगम शिमला को आदेश दिए कि महिलाओं को मुफ्त शौचालय सुविधा संबंधी जानकारी का प्रचार प्रसार सभी उपलब्ध माध्यमों से किया जाए। कोर्ट को बताया गया था कि कोर्ट के आदेशों के बावजूद शौच के लिए महिलाओं से पांच रुपए का शुल्क अभी भी लिया जा रहा है। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए सुलभ इंटरनेशनल सोशल आर्गेनाइजेशन को निर्देश दिए कि अब यदि महिलाओं से शौच के लिए शुल्क वसूला गया तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा।
