धर्मशाला: युवा चेंजमेकर्स भविष्य के नेतृत्व को तैयार करने का विज़न: अनुराग ठाकुर
पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के युवाओं को राजनीति, पॉलिसी और नेतृत्वकर्ताओं की अगली पीढ़ी के रूप में तैयार करने के उद्देश्य से आज धर्मशाला में एक लीडरशिप फेलोशिप कार्यक्रम “युवा चेंजमेकर्स” की शुरुआत की। धर्मशाला में आयोजित इस कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में अनुराग सिंह ठाकुर ने प्रदेश के कोने-कोने से आए वरिष्ठ पत्रकारों, प्रतिष्ठित संस्थानों और जेन-जी इन्फ्लुएंसरों के साथ संवाद कार्यक्रम के दौरान “युवा चेंजमेकर्स” की महत्ता, आवश्यकता, उपयोगिता और इसके प्रावधानों पर विस्तृत प्रकाश डाला।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा युवा आबादी वाला देश है और भारतीय जनता पार्टी व मोदी सरकार युवाओं को आगे बढ़ाने तथा भविष्य का नेतृत्व तैयार करने के लिए कृतसंकल्पित है। हाल के दिनों में हमने देखा कि विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भाजपा ने 45 वर्षीय युवा नितिन नबीन को अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार 1,00,000 युवाओं को राजनीति में लाने की बात कही है। मेरे अपने हिमाचल प्रदेश के युवाओं को राजनीति में लाने, पॉलिसी की उनकी समझ को विकसित करने, नेतृत्वकर्ताओं की अगली पीढ़ी तैयार करने और उनकी क्षेत्रीय व राष्ट्रीय भागीदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से मैं “युवा चेंजमेकर्स” नामक एक लीडरशिप फेलोशिप प्रोग्राम शुरू कर रहा हूँ। हम इस कार्यक्रम के माध्यम से राजनीति-कुशल, शासन-दक्ष, नीतिगत समझ रखने वाले और सामाजिक रूप से संवेदनशील नेतृत्व की अगली पीढ़ी तैयार करने जा रहे हैं। यह कार्यक्रम समाज के लिए जिम्मेदार, समझदार और आत्मविश्वास से परिपूर्ण युवाओं को तैयार करने की दिशा में एक पहल है, जो राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे सकें।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि युवा चेंजमेकर्स कार्यक्रम के चार मुख्य उद्देश्य हैं—युवा जुड़ाव, सामुदायिक प्रभाव, नेतृत्व विकास, प्रतिभा पाइपलाइन। युवाओं का चयन एक संरचित लीडरशिप प्लेटफॉर्म के लिए किया जाएगा। उन्हें वास्तविक जीवन के प्रोजेक्ट्स और मेंटरशिप से रूबरू कराया जाएगा। इसके तहत युवाओं को छोटे-छोटे माइक्रो प्रोजेक्ट्स दिए जाएंगे, जिनमें उन्हें अपने स्थानीय विधानसभा क्षेत्र या निर्वाचन क्षेत्र की समस्याओं का समाधान करना होगा। इसी तरह उन्हें राजनीति, शासन और सामाजिक प्रभाव के क्षेत्र में एक परिपक्व नेता बनने के लिए तैयार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के पहले चरण में हिमाचल स्थापना दिवस यानी 25 जनवरी से पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होगी। इसके लिए 10,000 रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य रखा गया है, जो ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किए जाएंगे। इसके लिए युवा हमारी वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल्स पर जा सकते हैं। हम कॉलेजों में जाकर कैंप लगाएंगे और अधिक से अधिक युवाओं को इस पहल से जोड़ेंगे। कार्यक्रम के दूसरे चरण में स्क्रीनिंग और शॉर्टलिस्टिंग की प्रक्रिया होगी। स्टेप-1: आवेदन मूल्यांकन—नेतृत्व अनुभव, सामुदायिक जुड़ाव और कौशल के आधार पर किया जाएगा, साथ ही एक छोटा प्रेरणात्मक निबंध या वीडियो के माध्यम से यह बताया जाएगा कि युवा कौन-सा बदलाव लाना चाहते हैं। स्टेप-2: ऑनलाइन योग्यता और नेतृत्व परीक्षा—जिसमें युवाओं की क्रिटिकल थिंकिंग और समस्या-समाधान क्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा।
इसके बाद प्रत्येक जिले में लगभग 900 से 1200 उम्मीदवारों में से 100 से 150 युवाओं को जिला-स्तरीय साक्षात्कार के माध्यम से चयनित किया जाएगा। तीसरे चरण में चयनित युवा जिला युवा बूटकैंप में शामिल होंगे। चौथे चरण में पूरे प्रदेश से 200 से 300 युवा पांच दिवसीय प्रदेश-स्तरीय बूटकैंप का हिस्सा बनेंगे। इसके बाद एक बड़े कार्यक्रम में चुने गए फाइनलिस्ट युवाओं को अपने विज़न पेपर (अपने जिले या हिमाचल प्रदेश के लिए एक प्रकार का मेनिफेस्टो) प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा, जिसका लाइव प्रसारण भी होगा।
पांचवें चरण में 40 से 50 उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा और अंततः इनमें से 17 या 21 युवाओं को चेंजमेकर्स की भूमिका के लिए चुना जाएगा। जिस प्रकार जनप्रतिनिधि ईश्वर और संविधान की शपथ लेते हैं, उसी प्रकार युवा चेंजमेकर भी सेवा और समर्पण के साथ समाज को ईमानदार नेतृत्व देने की शपथ लेंगे। चयनित युवा चेंजमेकर्स के लिए यह एक वर्ष का फेलोशिप प्रोग्राम होगा और वे सीधे अनुराग सिंह ठाकुर के साथ उनके निर्वाचन क्षेत्र की परियोजनाओं में कार्य करेंगे।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा, “एक नेतृत्वकर्ता के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह होती है कि वह जनता को अपने विचारों से कैसे प्रभावित करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सामने सबसे बड़ा उदाहरण हैं कि कैसे उन्होंने भारत की जनता को बड़े बदलावों के लिए प्रेरित किया।” इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर “युवा चेंजमेकर्स” कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इस कार्यक्रम के टॉप 21 युवाओं को 1 लाख 21 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। विकसित भारत का निर्माण विकसित हिमाचल के बिना अधूरा है और हमारे ये “युवा चेंजमेकर्स” विकसित हिमाचल के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
